चेक लौटने पर: तारीखें गिनने से पहले साक्ष्य का घटनाक्रम बनाएँ
Reviewed by hemant kumar · 2026-10-28 UTC · Revision 2
Original explanatory commentary, not official statutory text or an official Hindi translation. This guide does not assess your individual case.
बैंक मेमो से फ़ाइल की शुरुआत होती है
केवल चेक लौट आने से परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के सभी प्रश्न तय नहीं हो जाते। चेक का विवरण, बैंक का वापसी मेमो और मूल लेन-देन के दस्तावेज़ साथ रखें। धारा विधिक रूप से प्रवर्तनीय ऋण या अन्य देनदारी से जुड़ी है। केवल “सिक्योरिटी चेक” या “दोस्त को उधार” लिख देने से वास्तविक तथ्य और वर्तमान कानून की जाँच पूरी नहीं होती।
अलग घटनाओं की तारीख अलग रखें
चेक की तारीख, बैंक में प्रस्तुत करने की तारीख, लौटने की सूचना मिलने की तारीख, मांग नोटिस की तारीख और नोटिस मिलने के प्रमाण अलग दर्ज करें। बाद के भुगतान या जवाब भी अलग घटना हों। वितरण की तारीख पता न हो तो उसे पत्र पर छपी तारीख से न भरें।
धारा 138 का परंतुक अलग चरण बताता है: लागू वैधता अवधि में प्रस्तुति, बैंक से वापसी की सूचना मिलने के तीस दिन के भीतर लिखित मांग, और नोटिस प्राप्त होने के पंद्रह दिन के भीतर भुगतान न होना। इनका आरंभिक बिंदु एक नहीं है। धारा 142(1)(b), धारा 138(c) के वाद-कारण के बाद एक माह की शिकायत अवधि तथा पर्याप्त कारण पर विलंब से संबंधित परंतुक बताती है। “एक माह” को बिना जाँच “तीस दिन” न लिखें। वास्तविक गणना में लागू कानून और तथ्य देखना आवश्यक है।
हर तथ्य को प्रमाण से जोड़ें
मूल देनदारी के लिए अनुबंध, बिल, आपूर्ति रिकॉर्ड, खाता विवरण या प्रासंगिक पत्राचार पहचानें। कौन-सा दस्तावेज़ क्या दिखाता है और कौन-सी बात विवादित है, अलग लिखें। आरोप को स्वीकार तथ्य की तरह प्रस्तुत न करें।
चेक और वापसी के लिए चेक विवरण तथा बैंक मेमो रखें। रिकॉर्ड मूल है, बैंक की प्रति है या अपुष्ट तस्वीर, यह बताएँ। मांग और तामील के लिए नोटिस, डाक रसीद, ट्रैकिंग, पावती और लौटा लिफ़ाफ़ा रखें। ट्रैकिंग का स्क्रीनशॉट उपयोगी हो सकता है, पर उसका कानूनी प्रभाव मामले के संदर्भ में जाँचा जाएगा।
उदाहरण: भेजना और मिलना अलग है
मान लें नोटिस पर एक तारीख है, डाक रसीद पर दूसरी और ट्रैकिंग में बाद की वितरण तारीख। तीनों की अलग प्रविष्टि करें और संबंधित पृष्ठ जोड़ें। प्राप्ति विवादित हो तो उस अनिश्चितता तथा दोनों पक्षों के आधार दर्ज करें। सुंदर घटनाक्रम का उद्देश्य विवाद छिपाना नहीं, उसे स्पष्ट करना है।
घटनाक्रम से क्या मदद लें
हर महत्वपूर्ण चरण के लिए एक प्रविष्टि जोड़ें। दस्तावेज़ वाले स्थान में पृष्ठ और प्रश्न वाले स्थान में जाँच का मुद्दा लिखें। घटनाक्रम डाउनलोड करके दस्तावेज़ों सहित अधिवक्ता को दें। यह साधन अंतिम दायर करने की तारीख नहीं बताता; तामील, बैंकिंग वैधता, गणना के नियम और न्यायिक व्याख्या से उत्तर बदल सकता है।
यह मार्गदर्शिका अपराध सिद्ध नहीं करती, सही न्यायालय नहीं चुनती, नोटिस को स्वीकृत नहीं करती और वसूली की गारंटी नहीं देती। पूरा वर्तमान अधिनियम और लागू निर्णय देखें। नोटिस या शिकायत लंबित हो तो सामान्य उदाहरण पर निर्भर रहने के बजाय शीघ्र सलाह लें।