Central · Act 14 of 1981

The Air (Prevention and Control of Pollution) Act, 1981

An Act to provide for the prevention, control and abatement of air pollution, for the establishment, with a view to carrying out the aforesaid purposes, of Boards, for conferring on and assigning to such Boards powers and functions relating thereto and for matters connected therewith.

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वाय ु(प्रदषूण निवारण और नियंत्रण) अनिनियम, 1981 

(1981 का अनिनियम सखं याकं 14) 

[29 मार्च, 1981]  

वाय ुप्रदषूण के निवारण तथा नियतं्रण और उपशमि के निए 

और पवूोक् त प्रयोजिों को क्रियान‍ वत करि ेकी दनृ‍ ि स े 

बोर्डों की स् थापिा के निए, उिस ेसबंनंित शनक् तया ं

और कृत् य ऐस ेबोर्डों को, प्रदत्त और समिदुनेशत  

करि ेके निए और उिस ेसंबनंित  

नवषयों का उपब‍ ि  

करि ेके निए 

 अनिनियम  

जूि, 1972 में स् िाकहोम में मािव पयाचवरण पर संयुक् त रा‍ र संघ सम् मेिि में, नजसमें भारत िे भी भाग निया था, यह 

नवनिश् र्य क्रकया गया क्रक पृथ् वी के प्राकृनतक संसाििों को बिाए रखिे के निए, नजिमें अ‍ य बातों के साथ-साथ वायु की क् वानििी 

बिाए रखिा और उसके प्रदषूण पर नियंत्रण रखिा सनम् मनित ह,ै समुनर्त कदम उठाए जाएं;  

यह आवश् यक समझा गया क्रक उक् त नवनिश् र्यों को, जहां तक क्रक उिका संबंि वायु की क् वानििी बिाए रखिे और उसके 

प्रदषूण पर नियंत्रण रखिे से ह;ै कायाचन‍ वत क्रकया जाए;  

अत: भारत गणराज् य के बत्तीसवें वषच में संसद ्द्वारा निम् िनिनखत रूप में यह अनिनियनमत हो :––  

अध् याय 1 

प्रारनम् भक 

1. सनंिप् त िाम, नवस् तार और प्रारम् भ––(1) इस अनिनियम का संनिप् त िाम वायु (प्रदषूण निवारण और नियंत्रण) 

अनिनियम, 1981 ह ै।   

(2) इसका नवस् तार संम् पूणच भारत पर ह ै।  

(3) यह उस तारीख को प्रवृत्त होगा जो के‍ रीय सरकार, राजपत्र में अनिसूर्िा द्वारा, नियत करे ।  

2. पररभाषाएं––इस अनिनियम में, जब तक क्रक संदभच से अ‍ यथा अपेनित ि हो,–– 

(क) “वायु प्रदषूक” से वायुमण् र्डि में ऐसी सांरता में नवद्यमाि कोई ठोस, रव या गैसीय पदाथच 1[(नजसके अंतगचत 

शोर भी ह)ै] अनभप्रेत ह ैजो मािव, अ‍ य जीनवत प्राणी या विस् पनत या संपनत्त या पयाचवरण के निए िनतकर हो सकता ह ैया 

नजसका िनतकर होिा संभाव् य ह;ै   

(ख) “वायु प्रदषूण” से वायुमण् र्डि में क्रकसी वायु प्रदषूक का नवद्यमाि होिा अनभप्रेत ह;ै   

(ग) “अिुमोक्रदत सानित्र” स ेऐसा कोई उपस् कर या गेजेि अनभप्रेत ह ैजो क्रकसी ज् वििशीि सामग्री को जिािे के 

निए या क्रकसी िुएं, गैस या क्रकसी कणाकार पदाथच को उत् प‍ ि करिे या उसका उपयोग करिे के निए प्रयुक् त होता ह ैऔर 

राज् य बोर्डच द्वारा इस अनिनियम के प्रयोजिों के निए अिुमोक्रदत ह ै;   

(घ) “अिुमोक्रदत ईंिि” से ऐसा कोई ईंिि अनभप्रेत ह ैजो राज् य बोर्डच द्वारा इस अनिनियम के प्रयोजिों के निए 

अिुमोक्रदत ह;ै   

(ङ) “आिोमोबाइि” से ऐसा कोई याि अनभप्रेत ह ैनजसे र्िािे के निए अ‍ तदचहि इंजि द्वारा या शनक् त जिि की 

क्रकसी रीनत से ईंिि जिाकर, शनक् त प्राप् त होती ह;ै   

(र्) “बोर्डच” से के‍ रीय बोर्डच या कोई राज् य बोर्डच अनभप्रेत ह;ै   

(छ) “के‍ रीय बोर्डच” से जि (प्रदषूण निवारण तथा नियंत्रण) अनिनियम, 1974 (1974 का 6) की िारा 3 के अिीि 
2[गरठत कें रीय प्रदषूण नियंत्रण बोर्डच] अनभप्रेत ह;ै  

(ज) “नर्मिी” के अ‍ तगचत द्वार या निकास वािी ऐसी कोई संरर्िा भी ह ै नजससे होकर या नजससे क्रकसी वायु 

प्रदषूक का उत् सजचि हो सकता ह;ै   

                                                 
1 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 2 द्वारा अत:स् थानपत ।   
2 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 2 द्वारा प्रनतस् थानपत ।  



 2 

(झ) “नियंत्रण उपस् कर” से क्रकसी वायु प्रदषूक की क् वानििी और उसके उत् सजचि की रीनत को नियंनत्रत करिे के 

निए कोई सानित्र, युनक् त, उपस् कर, या पद्धनत अनभप्रेत है और इसके अ‍ तगचत कोई ऐसी युनक् त भी ह ैजो क्रकसी औद्योनगक 

संयंत्र के दि प्रर्ािि को सुनिनश् र्त करिे के निए प्रयोग में िाई जाती ह;ै   

(ञ) “उत् सजचि” से क्रकसी नर्मिी, वानहिी या िूमिाि या क्रकसी अ‍ य निकास से आिे वािा कोई ठोस, रव या 

गैसीय पदाथच अनभप्रेत ह ै;   

(ि) “औद्योनगक संयंत्र” से ऐसा कोई संयंत्र अनभप्रेत है जो क्रकसी उद्योग या व् यापार के प्रयोजिों के निए प्रयुक् त 

होता ह ैऔर वायुमण् र्डि में कोई प्रदषूक उत् सर्जचत करता ह;ै   

(ठ) “सदस् य” से, यथानस् थनत, के‍ रीय बोर्डच या क्रकसी राज् य बोर्डच का सदस् य अनभप्रेत ह ैऔर इसके अ‍ तगचत इसका 

अध् यि भी ह;ै   

1[(र्ड) क्रकसी कारखािे या पररसर के संबंि में, “अनि‍ ठाता” से कोई ऐसा व् यनक् त अनभप्रेत ह ैनजसका उस कारखािे 

या पररसर के कामकाज पर नियंत्रण ह ैऔर इसके अंतगचत क्रकसी पदाथच के संबंि में, वह व् यनक् त भी ह ैनजसके कब् जे में वह 

पदाथच ह;ै]  

(ढ) “नवनहत” से, यथानस् थनत, के‍ रीय सरकार या राज् य सरकार द्वारा इस अनिनियम के अिीि बिाए गए नियमों 

द्वारा नवनहत अनभप्रेत ह;ै    

(ण) “राज् य बोर्डच” से अनभप्रेत ह,ै––  

(i) ऐसे क्रकसी राज् य के सम् ब‍ ि में, नजसमें जि (प्रदषूण निवारण तथा नियंत्रण) अनिनियम, 1974 

(1974 का 6) प्रवतचि में ह ैऔर राज् य सरकार िे 1[उस अनिनियम की िारा 4 के अिीि उस राज् य के निए कोई 

राज् य प्रदषूण नियंत्रण बोर्डच गरठत क्रकया है] ऐसा राज् य बोर्डच; और   

(ii) क्रकसी अ‍ य राज् य के सम् ब‍ ि में, ऐसा राज् य बोर्डच जो वायु प्रदषूण निवारण और नियंत्रण के निए इस 

अनिनियम की िारा 5 के अिीि राज् य सरकार द्वारा गरठत क्रकया जाता ह ै।  

अध् याय 2 

के‍ रीय तथा राज् य वाय ुप्रदषूण निवारण तथा नियतं्रण बोर्डच 

2[3. कें रीय प्रदषूण नियतं्रण बोर्डच––जि (प्रदषूण निवारण तथा नियतं्रण) अनिनियम, 1974 (1974 का 6) की िारा 3 के 

अिीि गरठत कें रीय प्रदषूण नियंत्रण बोर्डच, उस अनिनियम के अिीि अपिी शनक् तयों के प्रयोग और कृत् यों के पािि पर कोई प्रनतकूि 

प्रभाव र्डािे नबिा इस अनिनियम के अिीि वायु प्रदषूण के निवारण और नियंत्रण के निए कें रीय प्रदषूण नियंत्रण बोर्डच की शनक् तयों का 

प्रयोग और कृत् यों का पािि करेगा ।  

4. 1974 के अनिनियम 6 की िारा 4 के अिीि गरठत राज् य प्रदषूण नियतं्रण बोर्डच का इस अनिनियम के अिीि राज् य बोर्डच 

होिा––ऐसे क्रकसी राज् य में, नजसमें जि (प्रदषूण निवारण तथा नियंत्रण) अनिनियम, 1974 (1974 का 6) प्रवतचि में ह ै और उस 

अनिनियम की िारा 4 के अिीि राज् य सरकार िे उस राज् य के निए राज् य प्रदषूण नियंत्रण बोर्डच का गठि क्रकया ह,ै ऐसा राज् य बोर्डच, इस 

अनिनियम की िारा 5 के अिीि गरठत राज् य वायु प्रदषूण निवारण और नियंत्रण बोर्डच समझा जाएगा और तदिुसार, वह राज् य प्रदषूण 

नियंत्रण बोर्डच, उस अनिनियम के अिीि अपिी शनक् तयों के प्रयोग और कृत् यों के पािि पर कोई प्रनतकूि प्रभाव र्डािे नबिा, इस 

अनिनियम के अिीि वायु प्रदषूण के निवारण और नियंत्रण के निए राज् य बोर्डच की शनक् तयों का प्रयोग और कृत् यों का पािि करेगा ।]  

5. राज् य बोर्डों का गठि––(1) ऐसे क्रकसी राज् य में, नजसमें जि (प्रदषूण निवारण तथा नियंत्रण) अनिनियम, 1974                      

(1974 का 6) प्रवतचि में िहीं ह,ै या उक् त अनिनियम प्रवतचि में तो है क्रक‍ तु राज् य सरकार िे 3[उक् त अनिनियम के अिीि क्रकसी राज् य 

प्रदषूण नियंत्रण बोर्डच] का गठि िहीं क्रकया ह,ै तो राज् य सरकार ऐसी क्रकसी तारीख से जो वह राजपत्र में अनिसूर्िा द्वारा नियत करे, 

वायु प्रदषूण निवारण और नियंत्रण के निए एक राज् य बोर्डच का गठि करेगी नजसका िाम वह होगा जो उक् त अनिसूर्िा में नवनिर्दच‍ ि 

क्रकया जाए और वह इस अनिनियम के अिीि उस बोर्डच को प्रदत्त शनक् तयों का प्रयोग और समिुक्रद‍ ि कृत् यों का पािि करेगा ।   

(2) इस अनिनियम के अिीि गरठत राज् य बोर्डच में निम् िनिनखत सदस् य होंगे, अथाचत् :–– 

(क) एक अध् यि, नजसे पयाचवरण के संरिण से सम् बन‍ ित नवषयों की बाबत नवशेष जािकारी या व् यावहाररक 

अिुभव हो और नजसे राज् य सरकार द्वारा िामनिदनेशत क्रकया जाएगा :   

पर‍ तु अध् यि पूणचकानिक या अंशकानिक, जैसा राज् य सरकार ठीक समझे, हो सकेगा;  

                                                 
1 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 2 द्वारा प्रनतस् थानपत ।   
2 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 3 द्वारा प्रनतस् थानपत ।   
3 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 4 द्वारा प्रनतस् थानपत ।  



 3 

(ख)  पांर् से अिनिक ऐसी संख या में, जो राज् य सरकार ठीक समझे, पदिारी, जो राज् य सरकार का प्रनतनिनित् व 

करिे के निए उस सरकार द्वारा िामनिदनेशत क्रकए जाएंगे ;  

(ग) पांर् से अिनिक ऐसी संख या में, जो राज् य सरकार ठीक समझे, व् यनक् त जो राज् य के भीतर कायच करिे वािे 

स् थािीय प्रानिकरणों के सदस् यों में से उस राज् य सरकार द्वारा िामनिदनेशत क्रकए जाएंगे ;   

(घ) तीि से अिनिक ऐसी संख या में, जो राज् य सरकार ठीक समझे, अशासकीय व् यनक् त, जो कृनष, मीि उद्योग, 

अथवा उद्योग या व् यापार या श्रम या क्रकसी अ‍ य नहत का, नजिका उस राज् य सरकार की राय में प्रनतनिनित् व होिा र्ानहए, 

प्रनतनिनित् व करिे के निए राज् य सरकार द्वारा िामनिदनेशत क्रकए जाएंगे ;   

(ङ) दो व् यनक् त, जो राज् य सरकार के स् वानमत् व, नियंत्रण या प्रबंि के अिीि कम् पनियों या निगमों का प्रनतनिनित् व 

करेंगे तथा जो उस सरकार द्वारा िामनिदनेशत क्रकए जाएंगे ;   

1[(र्) एक पूणचकानिक सदस् य-सनर्व, नजसके पास प्रदषूण नियंत्रण के वैज्ञानिक, इंजीनियरी या प्रबंि संबंिी 

पहिुओं की ऐसी अहचताएं, ज्ञाि और अिुभव ह ै जो नवनहत क्रकया जाए और नजसकी नियनुक् त राज् य सरकार द्वारा                             

की जाएगी :]  

 पर‍ तु राज् य सरकार यह सुनिनश् र्त करेगी क्रक कम से कम दो सदस् य ऐसे व् यनक् त हों नज‍ हें वायु की क् वानििी के सुिार या 

वायु प्रदषूण के निवारण, नियंत्रण या उपशमि से संबंनित नवषयों के बारे में नवशेष जािकारी या व् यावहाररक अिुभव ह ै।   

(3) इस अनिनियम के अिीि गरठत प्रत् येक राज् य बोर्डच, राज् य सरकार द्वारा उपिारा (1) के अिीि अनिसूर्िा में नवनिर्दच‍ ि 

िाम वािा तथा शाश् वत उत्तरानिकार और सामा‍ य मुरा वािा एक निगनमत निकाय होगा, नजसे इस अनिनियम के उपबंिों के अिीि 

रहते हुए सम् पनत्त के अजचि और व् ययि करिे की तथा संनवदा करिे की शनक् त होगी और उक् त िाम से वह वाद िाएगा या उस पर वाद 

िाया जाएगा ।  

6. सघं राज् यिते्र में के‍ रीय बोर्डच द्वारा क्रकसी राज् य बोर्डच की शनक् तयों का प्रयोग और कृत् यों का पािि क्रकया जािा––संघ 

राज् यिेत्र के निए कोई राज् य बोर्डच गरठत िहीं क्रकया जाएगा और क्रकसी संघ राज् यिेत्र के संबंि में, के‍ रीय बोर्डच उस संघ राज् यिेत्र के 

निए इस अनिनियम के अिीि राज् य बोर्डच की शनक् तयों का प्रयोग और कृत् यों का पािि करेगा :  

पर‍ तु क्रकसी संघ राज् यिेत्र के संबंि में के‍ रीय बोर्डच अपिी ऐसी सभी या क्रक‍ हीं शनक् तयों और कृत् यों को इस िारा के अिीि 

ऐसे व् यनक् त या व् यनक् तयों के निकाय को प्रत् यायोनजत कर सकेगा, नजसे के‍ रीय सरकार नवनिर्दच‍ ि करे ।  

7. सदस् यों की सवेा के निबिंि और शतें––(1) इस अनिनियम में या उसके अिीि जैसा उपबंनित ह ै उसके नसवाय इस 

अनिनियम के अिीि गरठत राज् य बोर्डच के सदस् य-सनर्व से नभ‍ ि कोई सदस् य उस तारीख से तीि वषच की अवनि के निए पद िारण 

करेगा नजससे उसका िामनिदशेि राजपत्र में अनिसूनर्त क्रकया जाता ह ै:  

पर‍ तु कोई सदस् य अपिी पदावनि का अवसाि हो जािे पर भी तब तक पद िारण क्रकए रहेगा जब तक क्रक उसका उत्तरवती 

अपिा पद ग्रहण िहीं कर िेता ह ै।   

(2) इस अनिनियम के अिीि गरठत राज् य बोर्डच के सदस् य और िारा 5 की उपिारा (2) के खण् र्ड (ख) या खण् र्ड (ङ) के अिीि 

िामनिर्दच‍ ि सदस् य की पदावनि उसी समय समाप् त हो जाएगी जब वह राज् य सरकार या राज् य सरकार के स् वानमत् व, नियंत्रण या प्रबंि 

के अिीि, यथानस् थनत, क्रकसी ऐसी कम् पिी या निगम के, नजसके आिार पर उसे िामनिर्दच‍ ि क्रकया गया था, अिीि क्रकसी पद पर िहीं 

रह जाता ।  

(3) इस अनिनियम के अिीि गरठत राज् य बोर्डच के सदस् य-सनर्व से नभ‍ ि कोई सदस् य––  

(क) अध् यि की दशा में, राज् य सरकार को, तथा  

(ख) क्रकसी अ‍ य दशा में राज् य बोर्डच के अध् यि को,  

संबोनित स् वहस् तािररत िेख द्वारा क्रकसी भी समय अपिा पद त् याग सकेगा और तब अध् यि का या ऐसे क्रकसी अ‍ य सदस् य का स् थाि 

ररक् त हो जाएगा ।   

(4) यक्रद इस अनिनियम के अिीि गरठत राज् य बोर्डच के सदस् य-सनर्व से नभ‍ ि कोई सदस् य, बोर्डच की राय में, पयाचप् त कारण के 

नबिा बोर्डच के तीि िमवती अनिवेशिों में अिुपनस् थत रहता है या जहां वह िारा 5 की उपिारा (2) के खण् र्ड (ग) के अिीि िामनिदनेशत 

क्रकया गया ह ैवहां यक्रद वह राज् य बोर्डच का सदस् य िहीं रह जाता ह,ै तो उसके बारे में यह समझा जाएगा क्रक उसिे अपिा स् थाि ररक् त 

कर क्रदया है और दोिों में से क्रकसी दशा में ऐसी ररनक् त ऐसी तारीख से प्रभावी होगी जो राज् य सरकार राजपत्र में अनिसूर्िा द्वारा 

नवनिर्दच‍ ि करे ।  

                                                 
1 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 4 द्वारा प्रनतस् थानपत ।  



 4 

(5) इस अनिनियम के अिीि गरठत राज् य बोर्डच में कोई आकनस् मक ररनक् त िए िामनिदशेि द्वारा भरी जाएगी और ररनक् त 

भरिे के निए िामनिर्दच‍ ि व् यनक् त, उस अवनि के केवि शेष भाग के निए पद िारण करेगा नजसके निए वह सदस् य, नजसका स् थाि वह 

िेता ह,ै िामनिर्दच‍ ि क्रकया गया था ।  

(6) इस अनिनियम के अिीि गरठत राज् य बोर्डच का कोई सदस् य 1[पुि: िामनिदशेि का पात्र होगा ।]  

(7) इस अनिनियम के अिीि गरठत राज् य बोर्डच के अध् यि और (सदस् य सनर्व से नभ‍ ि) अ‍ य सदस् यों की सेवा के अ‍ य 

निबंिि और शतें ऐसी होंगी जो नवनहत की जाएं ।  

 8. निरहचताएं––(1) कोई ऐसा व् यनक् त इस अनिनियम के अिीि गरठत राज् य बोर्डच का सदस् य िहीं होगा,––  

(क) जो क्रदवानिया ह ैया क्रकसी भी समय क्रदवानिया ‍ यायनिणीत हुआ ह;ै या   

(ख) जो नवकृतनर्त्त ह ैऔर सिम ‍ यायािय द्वारा वैसा घोनषत कर क्रदया गया ह;ै या   

(ग) जो क्रकसी ऐसे अपराि के निए नसद्धदोष ठहराया गया ह ैया ठहराया जा र्ुका ह ैनजसमें राज् य सरकार की राय 

में िैनतक अिमता अ‍ तग्रचस् त ह;ै या   

(घ) जो इस अनिनियम के अिीि क्रकसी अपराि के निए नसद्धदोष ठहराया गया ह ैया क्रकसी भी समय ठहराया जा 

र्ुका ह;ै या   

(ङ) जो प्रत् यि या अप्रत् यि रूप से स् वयं या क्रकसी भागीदार द्वारा वायु की क् वानििी के सुिार के निए अथवा वायु 

प्रदषूण निवारण, नियंत्रण या उपशमि के निए मशीिरी, औद्योनगक संयंत्र, नियंत्रण, उपस् कर या क्रकसी अ‍ य सानित्र के 

निमाचण, नविय या भाडे पर िेिे का कारबार करिे वािी क्रकसी फमच या कंपिी में कोई शेयर या नहत रखता ह;ै या   

(र्) जो वायु की क् वानििी के सुिार के निए या वायु प्रदषूण के निवारण, नियंत्रण या उपशमि के निए कायचिमों 

को क्रियान‍ वत करिे के निए बोर्डच अथवा बोर्डच का गठि करिे वािी सरकार के साथ अथवा राज् य में क्रकसी स् थािीय 

प्रानिकरण के साथ अथवा सरकार के स् वानमत् व, नियंत्रण या प्रबंि के अिीि क्रकसी कंपिी या निगम के साथ कोई संनवदा 

करिे वािी क्रकसी कम् पिी या फमच का निदशेक या सनर्व, प्रबंिक या अ‍ य वैतनिक अनिकारी या कमचर्ारी ह;ै या   

(छ) नजसिे राज् य सरकार की राय में सदस् य के रूप में अपिी प्रानस् थनत का इस प्रकार दरुुपयोग क्रकया ह ैक्रक उसका 

बोर्डच में बिे रहिा जि सािारण के निए अनहतकर ह ै।   

(2) राज् य सरकार, निनखत आदशे द्वारा क्रकसी भी समय ऐसे सदस् य को हिा सकेगी, जो उपिारा (1) में वर्णचत क्रकसी निरहचता 

से ग्रस् त ह,ै या ग्रस् त हो जाता ह ै:  

पर‍ तु राज् य सरकार द्वारा इस िारा के अिीि हिाए जािे का कोई आदशे तब तक िहीं क्रकया जाएगा जब तक क्रक संबंनित 

सदस् य को उसके नवरुद्ध हतेुक दर्शचत करिे का युनक् तयुक् त अवसर िहीं द ेक्रदया जाता ह ै।   

(3) िारा 7 की उपिारा (1) या उपिारा (6) में क्रकसी बात के होते हुए भी, कोई सदस् य, जो इस िारा के अिीि हिाया गया 

ह,ै यथानस् थनत, उस समय तक जब तक उसका उत्तरवती अपिा पद ग्रहण िहीं कर िेता, पद पर बिे रहिे का, या सदस् य के रूप में पुि: 

िामनिर्दच‍ ि क्रकए जािे का, पात्र िहीं होगा ।   

9. सदस् यों द्वारा स् थािों की ररनक् त––यक्रद इस अनिनियम के अिीि गरठत राज् य बोर्डच का कोई सदस् य िारा 8 में नवनिर्दच‍ ि 

निरहचताओं में से क्रकसी से ग्रस् त हो जाता ह ैतो उसका स् थाि ररक् त हो जाएगा ।  

10. बोर्डच का अनिवशेि––(1) इस अनिनियम के प्रयोजिों के निए, बोर्डच का अनिवेशि प्रत् येक नतमाही में कम से कम एक बार 

होगा और वह अपिे अनिवेशिों में कामकाज करिे के बारे में प्रक्रिया के ऐसे नियमों का पािि करेगा जो नवनहत क्रकए जाएं :  

पर‍ तु यक्रद अध् यि की राय में कोई अत् यावश् यक प्रकृनत का काम क्रकया जािा ह ैतो वह ऐसे समय पर बोर्डच का अनिवेशि बुिा 

सकता ह ैजो वह पूवोक् त प्रयोजि के निए ठीक समझे ।  

(2)  उपिारा (1) के अिीि अनिवेशिों के कायचवृत्तों की प्रनतयां के‍ रीय बोर्डच और संबंनित राज् य सरकार को भेजी जाएंगी ।   

11. सनमनतयों का गठि––(1) बोर्डच ऐसे प्रयोजि या प्रयोजिों के निए पूणचत: सदस् यों से या भागत: सदस् यों से और भागत: 

अ‍ य व् यनक् तयों से गरठत होिे वािी इतिी सनमनतयों का गठि कर सकेगा नजतिी वह ठीक समझे ।   

(2) इस िारा के अिीि गरठत सनमनत का अनिवेशि ऐसे समय और ऐसे स् थाि पर होगा और वह अपिे अनिवेशिों में 

कामकाज करिे के बारे में प्रक्रिया के ऐसे नियमों का पािि करेगी जो नवनहत क्रकए जाएं ।  

(3) सनमनत के सदस् यों को, जो बोर्डच के सदस् यों से नभ‍ ि हैं, उसके अनिवेशिों में उपनस् थत होिे और बोर्डच के क्रकसी अ‍ य कायच 

को करिे के निए ऐसी फीस और भते्त क्रदए जाएंगे, जो नवनहत क्रकए जाएं ।  

                                                 
1 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 5 द्वारा प्रनतस् थानपत । 



 5 

12. बोर्डच के साथ व् यनक् तयों का नवनश‍ ि प्रयोजिों के निए अस् थायी रूप में सहयुक् त क्रकया जािा––(1) बोर्डच ऐसी रीनत से और 

ऐसे प्रयोजिों के निए, जो नवनहत क्रकए जाएं, अपिे साथ क्रकसी ऐसे व् यनक् त को सहयुक् त कर सकेगा नजसकी सहायता या सिाह िेिे की 

वह इस अनिनियम के अिीि अपिे कृत् यों में से क्रकसी का पािि करिे के निए, वांछा करता है ।   

(2) उपिारा (1) के अिीि बोर्डच के साथ क्रकसी प्रयोजि के निए सहयुक् त क्रकसी व् यनक् त को बोर्डच के उस नवर्ार-नवमशच में भाग 

िेिे का अनिकार होगा जो उस प्रयोजि से सुसंगत है, क्रक‍ तु उसे बोर्डच के अनिवेशि में मत दिेे का अनिकार िहीं होगा और क्रकसी अ‍ य 

प्रयोजि के निए वह बोर्डच का सदस् य िहीं होगा ।    

(3) उपिारा (1) के अिीि बोर्डच के साथ सहयुक् त व् यनक् त ऐसी फीसें और भते्त प्राप् त करिे का हकदार होगा जो                        

नवनहत क्रकए जाएं ।    

13. बोर्डच में ररनक् त स ेकायों या कायचवानहयों का अनवनिमा‍ य ि होिा––बोर्डच या उसकी क्रकसी सनमनत का कोई कायच या 

कायचवाही केवि इस आिार पर प्रश् िगत िहीं की जा सकेगी क्रक, यथानस् थनत, बोर्डच या ऐसी सनमनत में कोई ररनक् त नवद्यमाि थी या 

उसके गठि में कोई त्रुरि थी ।  

14. राज् य बोर्डों के सदस् य-सनर्व तथा उिके अनिकारी और अ‍ य कमचर्ारी––(1) इस अनिनियम के अिीि गरठत राज् य बोर्डच 

के सदस् य-सनर्व की सेवा के निबंिि और शतें ऐसी होंगी जो नवनहत की जाएं ।   

1[(2) क्रकसी राज् य बोर्डच का, र्ाह ेवह इस अनिनियम के अिीि गरठत क्रकया गया ह ैया िहीं, सदस् य-सनर्व ऐसी शनक् तयों का 

प्रयोग और ऐसे कतचव् यों का पािि करेगा जो नवनहत क्रकए जाएं या जो राज् य बोर्डच या उसके अध् यि द्वारा उसे समय-समय पर 

प्रत् यायोनजत क्रकए जाएं ।]  

(3) ऐसे नियमों के अिीि रहते हुए जो राज् य सरकार इस निनमत्त बिाए, राज् य बोर्डच, र्ाह ेवह इस अनिनियम के अिीि 

गरठत क्रकया गया ह ैया िहीं,  

ऐसे अनिकाररयों और अ‍ य कमचर्ाररयों को नियुक् त कर सकेगी जो वह इस अनिनियम के अिीि बोर्डच के कृत् यों के दि पािि के निए 

आवश् यक समझे ।  

(4) राज् य बोर्डच के उपिारा (3) के अिीि नियुक् त अनिकाररयों (सदस् य-सनर्व से नभ‍ ि) तथा अ‍ य कमचर्ाररयों की नियुनक् त 

का ढंग, सेवा की शतें और वेतिमाि ऐसे होंगे जो इस अनिनियम के अिीि राज् य बोर्डच द्वारा बिाए गए नवनियमों द्वारा अविाररत क्रकए 

जाएं ।   

(5) इस अनिनियम के अिीि गरठत राज् य बोर्डच, ऐसी शतों के अिीि रहते हुए, जो नवनहत की जाएं, समय-समय पर क्रकसी 

भी अर्हचत व् यनक् त को बोर्डच के परामशी के रूप में नियुक् त कर सकेगा और उसे ऐसे वेति और भत्तों या फीसों का संदाय कर सकेगा, जो 

वह ठीक समझे ।   

15. शनक् तयों का प्रत् यायोजि––राज् य बोर्डच, सािारण या नवशेष आदशे द्वारा, क्रक‍ हीं ऐसी शतों और निब‍ ििों के अिीि रहते 

हुए, यक्रद कोई हैं, जो आदशे में नवनिर्दच‍ ि क्रकए जाएं, इस अनिनियम के अिीि अपिी शनक् तयों और कृत् यों में से ऐसी शनक् तयों और 

कृत् यों को, जो वह ठीक समझे, अध् यि या सदस् य-सनर्व या बोर्डच के क्रकसी अ‍ य अनिकारी को प्रत् यायोनजत कर सकेगा ।   

अध् याय 3 

बोर्डच की शनक् तया ंऔर कृत् य 

16. के‍ रीय बोर्डच के कृत् य––(1) इस अनिनियम के उपब‍ िों के अिीि रहते हुए और जि (प्रदषूण निवारण तथा नियंत्रण) 

अनिनियम, 1974 (1974 का 6) के अिीि अपिे कृत् यों के पािि पर प्रनतकूि प्रभाव र्डािे नबिा, के‍ रीय बोर्डच के मुख य कृत् य यह होंगे क्रक 

वह दशे में वायु की क् वानििी में सुिार िाए और वायु प्रदषूण का निवारण करे, उि पर नियंत्रण करे तथा उसका उपशमि करे ।    

(2) नवनश‍ ितया और पूवचगामी कृत् यों की व् यापकता पर प्रनतकूि प्रभाव र्डािे नबिा, के‍ रीय बोर्डच––   

(क) वायु की क् वानििी में सुिार िािे और उसके प्रदषूण के निवारण, नियंत्रण या उपशमि से सम् बद्ध क्रकसी नवषय 

पर के‍ रीय सरकार को सिाह द ेसकेगा;   

(ख) वायु प्रदषूण के निवारण, नियंत्रण या उपशमि के निए रा‍ रव् यापी कायचिम की योजिा बिा सकेगा और उसे 

नि‍ पाक्रदत करा सकेगा;   

(ग) राज् य बोर्डों के क्रियाकिापों में सम‍ वय स् थानपत कर सकेगा और उिके बीर् के नववादों को सुिझा सकेगा;   

(घ) राज् य बोर्डों को तकिीकी सहायता द ेसकेगा और उिका मागचदशचि कर सकेगा, वायु प्रदषूण तथा वायू प्रदषूण 

के निवारण, नियंत्रण या उपशमि की समस् या से सम् बन‍ ित अ‍ वेषण और अिुसंिाि क्रियान‍ वत और प्रायोनजत कर सकेगा ;   

                                                 
1 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 6 द्वारा प्रनतस् थानपत । 



 6 

1[(घघ) क्रकसी राज् य बोर्डच के ऐसे कृत् यों का पािि कर सकेगा जो िारा 18 की उपिारा (2) के अिीि क्रकए गए 

आदशे में नवनिर्दच‍ ि क्रकए जाएं ।]    

(ङ) वायु प्रदषूण के निवारण, नियंत्रण या उपशमि के कायचिमों में िगे हुए या िगाए जािे वािे व् यनक् तयों के 

प्रनशिण के निए ऐसे निब‍ ििों और शतों पर योजिा बिा सकेगा और उसे संगरठत कर सकेगा जो के‍ रीय बोर्डच       

नवनिर्दच‍ ि करे;   

(र्) वायु प्रदषूण के निवारण, नियंत्रण या उपशमि के बारे में जि-सम्पकच  के माध् यम से व् यापक कायचिम आयोनजत 

कर सकेगा;  

(छ) वायु प्रदषूण से और उसके प्रभावी निवारण, नियंत्रण और उपशमि के निए पररकन‍ पत उपायों से सम् बन‍ ित 

तकिीकी और सांख यकीय आंकडे एकत्र, संकनित और प्रकानशत कर सकेगा और वायु के प्रदषूण के निवारण, नियंत्रण या 

उपशमि सम् ब‍ िी निदनेशकाएं, संनहताएं या मागचनिदनेशकाएं तैयार कर सकेगा;  

(ज) वायु की क् वानििी के निए मािक अनिकनथत कर सकेगा;   

(झ) वायु प्रदषूण से सम् बन‍ ित नवषयों के बारे में जािकारी एकत्र कर सकेगा और उसका प्रसार कर सकेगा;   

(ञ) ऐसे अ‍ य कृत् यों का पािि कर सकेगा जो नवनहत क्रकए जाएं ।  

(3) के‍ रीय बोर्डच इस िारा के अिीि अपिे कृत् यों का दि पािि करिे के निए अपिे को समथच बिािे के निए एक या अनिक 

प्रयोगशािाएं स् थानपत कर सकेगा और उ‍ हें मा‍ यता द ेसकेगा ।   

(4) के‍ रीय बोर्डच––  

(क) इस अनिनियम के अिीि अपिे कृत् यों में से कोई भी कृत् य अपिे द्वारा नियुक् त सनमनतयों को, सािारणतया या 

नवनश‍ ितया, प्रत् यायोनजत कर सकेगा;  

(ख) ऐसी अ‍ य बातें और कायच कर सकेगा जो अपिे कृत् यों के उनर्त पािि के निए और सािारणतया इस 

अनिनियम के प्रयोजिों को कायाचन‍ वत करिे के निए वह आवश् यक समझे ।   

17. राज् य बोर्डों के कृत् य––(1) इस अनिनियम के उपब‍ िों के अिीि रहते हुए और जि (प्रदषूण निवारण तथा नियंत्रण) 

अनिनियम, 1974 (1974 का 6) के अिीि अपिे कृत् यों पर, यक्रद कोई हैं, प्रनतकूि प्रभाव र्डािे नबिा, राज् य बोर्डच के कृत् य निम् िनिनखत 

होंगे, अथाचत् :––  

(क) वायु प्रदषूण के निवारण, नियंत्रण या उपशमि के निए व् यापक कायचिम की योजिा बिािा तथा उसके 

नि‍ पादि को सुनिनश् र्त करिा;   

(ख) वायु प्रदषूण के निवारण, नियंत्रण या उपशमि के निए क्रकसी नवषय पर राज् य सरकार को सिाह देिा;   

(ग) वायु प्रदषूण से सम् बन‍ ित जािकारी एकत्र करिा और उसका प्रसार करिा;   

(घ) वायु प्रदषूण के निवारण, नियंत्रण या उपशमि से सम् बन‍ ित कायचिम में िगे हुए या िगाए जािे वािे 

व् यनक् तयों के प्रनशिण को संगरठत करिे में के‍ रीय बोर्डच के साथ सहयोग करिा और उससे सम् बन‍ ित सावचजनिक नशिा के 

कायचिम बिािा;    

(ङ) क्रकसी नियंत्रण उपस् कर, औद्योनगक संयंत्र या नवनिमाचण प्रक्रिया का सभी युनक् तयुक् त समयों पर निरीिण करिा 

और वायु प्रदषूण के निवारण, नियंत्रण या उपशमि के निए कायचवाही करिे की बाबत ऐसे व् यनक् तयों को, आदशे द्वारा ऐसे 

निदशे दिेा जैसे वह आवश् यक समझे ;  

(र्) वायु प्रदषूण नियंत्रण िेत्रों का ऐसे अंतरािों पर, जो वह आवश् यक समझे, निरीिण करिा, वायु की क् वानििी 

का नििाचरण करिा और ऐसे िेत्रों में वायु प्रदषूण के निवारण, नियंत्रण या उपशमि के निए उपाय करिा;  

(छ) के‍ रीय बोर्डच के परामशच से और के‍ रीय बोर्डच द्वारा वायु की क् वानििी के बारे में अनिकनथत मािकों को ध् याि में 

रखते हुए, औद्योनगक संयंत्रों तथा आिोमोबाइि से वायुमण् र्डि में वायु प्रदषूण के उत् सजचि के निए मािक अनिकनथत करिा 

या क्रकसी पोत या क्रकसी वायुयाि से नभ‍ ि क्रकसी भी अ‍ य स् त्रोत स ेवायुमंर्डि में क्रकसी वायु प्रदषूक के उत् सजचि के निए कोई 

मािक अनिकनथत करिा :  

पर‍ तु ऐसे औद्योनगक संयंत्रों से वायुमण् र्डि में वायु प्रदषूकों के उत् सजचि के पररमाण और सनम् मश्रण को ध् याि में 

रखते हुए, नभ‍ ि-नभ‍ ि औद्योनगक संयंत्रों से होिे वािे उत् सजचि के निए इस खण् र्ड के अिीि नभ‍ ि-नभ‍ ि मािक अनिकनथत 

क्रकए जा सकें गे ; 

                                                 
1 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 7 द्वारा प्रनतस् थानपत । 



 7 

(ज) राज् य सरकार के ऐसे क्रकसी उद्योग को नजसमें वायु प्रदषूण होिा संभाव् य ह,ै र्िािे के निए क्रकसी पररसर या 

अवस् थाि की उपयुक् तता के सम् ब‍ ि में सिाह दिेा;   

(झ) ऐसे अ‍ य कृत् यों का पािि करिा जो के‍ रीय बोर्डच या राज् य सरकार द्वारा नवनहत क्रकए जाएं या उसे          

समय-समय पर सौंपे जाएं;   

(ञ) ऐसी अ‍ य बातें और ऐसे अ‍ य कायच करिा जो वह अपिे कृत् यों के उनर्त पािि के निए और सािारणतया इस 

अनिनियम के प्रयोजिों को कायाचन‍ वत करिे के निए आवश् यक समझे ।  

(2) राज् य बोर्डच इस िारा के अिीि अपिे कृत् यों का दि पािि करिे के निए अपिे को समथच बिािे के निए एक या अनिक 

प्रयोगशािाएं स् थानपत कर सकेगा और उ‍ हें मा‍ यता द ेसकेगा ।   

18. निदशे दिे ेकी शनक् त––1[(1)] इस अनिनियम के अिीि अपिे कृत् यों के पािि में,–– 

(क) के‍ रीय बोर्डच ऐसे निनखत निदशेों से आबद्ध होगा जो के‍ रीय सरकार उसे दे; और   

(ख) प्रत् येक राज् य बोर्डच ऐसे निनखत निदशेों से आबद्ध होगा जो के‍ रीय बोर्डच या राज् य सरकार उसे द े:  

 पर‍ तु यक्रद राज् य सरकार द्वारा क्रदया गया कोई निदशे के‍ रीय बोर्डच द्वारा क्रदए गए निदशे से असंगत ह ैतो वह मामिा के‍ रीय 

सरकार को उसके नवनिश् र्य के निए, निदनेशत क्रकया जाएगा ।  

1[(2) जहां के‍ रीय सरकार की यह राय ह ैक्रक क्रकसी राज्य बोर्डच िे उपिारा (1) के अिीि कें रीय बोर्डच द्वारा क्रदए गए क्रक‍ हीं 

निदशेों का अिुपािि करिे में व् यनतिम क्रकया ह ैऔर ऐसी असफिता के पररणामस् वरूप गंभीर आपातनस् थनत उत् प‍ ि हो गई ह ैऔर 

िोकनहत में ऐसा करिा आवश् यक या समीर्ीि ह,ै तो वह, आदशे द्वारा, कें रीय बोर्डच को, ऐसे िेत्र के संबंि में, ऐसी अवनि के निए और 

ऐसे प्रयोजिों के निए, जो आदशे में नवनिर्दच‍ ि क्रकए जाएं, राज् य बोर्डच के क्रक‍ हीं कृत् यों का पािि करिे का निदशे द ेसकेगी ।   

(3) जहां कें रीय बोर्डच, उपिारा (2) के अिीि क्रकसी निदशे के अिुसरण में राज् य बोर्डच के क्रक‍ हीं कृत् यों का पािि करता ह,ै वहां 

कें रीय बोर्डच द्वारा ऐसे कृत् यों के पािि की बाबत उपगत व् यय, यक्रद कोई हों, यक्रद राज् य बोर्डच ऐसे व् ययों को वसूि करिे के निए सशक् त 

ह,ै तो, के‍ रीय बोर्डच द्वारा उस तारीख से जब व् ययों के निए मांग की जाती ह ैउस तारीख तक के निए जब तक उिका संदाय िहीं कर 

क्रदया जाता ह,ै उस पर ब् याज सनहत (ऐसी उनर्त दर पर जो कें रीय सरकार आदशे द्वारा नियत करे) संबंनित व् यनक् त या व् यनक् तयों से 

भू-राजस् व या िोकमांग की बकाया के रूप में वसूि क्रकए जा सकें गे ।   

(4) शंकाओं के निवारण के निए, यह घोनषत क्रकया जाता है क्रक क्रकसी िेत्र की बाबत उपिारा (2) के अिीि क्रदए गए क्रकसी 

राज् य बोर्डच के कृत् यों का पािि करिे के निए कोई निदशे राज् य बोर्डच को राज् य के क्रकसी अ‍ य िेत्र में ऐसे कृत् यों का या उस िेत्र में उसके 

क्रक‍ हीं अ‍ य कृत् यों का पािि करिे से प्रवाररत िहीं करेगा ।  

अध् याय 4 

वाय ुप्रदषूण का निवारण तथा नियतं्रण 

19. वाय ुप्रदषूण नियतं्रण िते्र घोनषत करि ेकी शनक् त––(1) राज् य सरकार, राज् य बोर्डच से परामशच करिे के पश् र्ात्, राजपत्र 

में अनिसूर्िा द्वारा, इस अनिनियम के प्रयोजिों के निए राज् य के भीतर क्रकसी िेत्र या िेत्रों को ऐसी रीनत से, जो नवनहत की जाए, 

वायु प्रदषूण नियंत्रण िेत्र घोनषत कर सकेगी ।   

(2) राज् य सरकार, राज् य बोर्डच से परामशच करिे के पश् र्ात् राजपत्र में अनिसूर्िा द्वारा,––   

(क) क्रकसी वायु प्रदषूण नियंत्रण िेत्र का नवस् तार करके या उसे घिाकर उसमें पररवतचि कर सकेगी,       

(ख) ऐसा कोई िया वायु प्रदषूण नियंत्रण िेत्र घोनषत कर सकेगी नजसमें एक या अनिक नवद्यमाि वायु प्रदूषण 

नियंत्रण िेत्र या उसका कोई भाग अथवा उसके कोई भाग सनम् मनित क्रकए जा सकें  ।  

(3) यक्रद राज् य सरकार की, राज् य बोर्डच से परामशच करिे के पश् र्ात् यह राय है क्रक क्रकसी वायु प्रदषूण नियंत्रण िेत्र में या 

उसके क्रकसी भाग में क्रकसी अिुमोक्रदत ईंिि से नभ‍ ि क्रकस ईंिि के प्रयोग से वायु प्रदषूण हो सकता ह ैया होिा संभाव् य ह,ै तो वह 

राजपत्र में अनिसूर्िा द्वारा उस िेत्र में या उसके क्रकसी भाग में ऐसे ईंिि के प्रयोग को, ऐसी तारीख से (जो अनिसूर्िा के प्रकाशि की 

तारीख से कम से कम तीि मास पश् र्ात् की होगी), जो अनिसूर्िा में नवनिर्दच‍ ि की जाए, प्रनतनषद्ध कर सकेगी ।   

(4) राज् य सरकार, राज् य बोर्डच से परामशच करिे के पश् र्ात्, राजपत्र में अनिसूर्िा द्वारा निदशे द ेसकेगी क्रक ऐसी तारीख स े

जो उक् त अनिसूर्िा में नवनिर्दच‍ ि की जाए, अिुमोक्रदत सानित्र से नभ‍ ि क्रकसी सानित्र का प्रयोग क्रकसी वायु प्रदषूण नियंत्रण िेत्र में 

नस् थत पररसरों में िहीं क्रकया जाएगा :  

                                                 
1 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 8 द्वारा उपिारा  (1) के रूप में पुि:संख यांक्रकत तथा उपिारा (2) से (4) अंत:स् थानपत ।  



 8 

पर‍ तु क्रकसी वायु प्रदषूण नियंत्रण िेत्र के नभ‍ ि-नभ‍ ि भागों के निए या नभ‍ ि-नभ‍ ि सानित्रों के निए नभ‍ ि-नभ‍ ि तारीखें 

नवनिर्दच‍ ि की जा सकें गी ।  

(5) यक्रद राज् य सरकार की, राज् य बोर्डच से परामशच करिे के पश् र्ात्, यह राय ह ैक्रक क्रकसी वायु प्रदषूण नियंत्रण िेत्र में या 

उसके क्रकसी भाग में क्रकसी सामग्री (जो ईंिि िहीं ह)ै के जिाए जािे से वायु प्रदषूण हो सकता ह ैया होिा संभाव् य ह,ै तो वह राजपत्र में 

अनिसूर्िा द्वारा, ऐसे िेत्र में या उसके क्रकसी भाग में ऐसी सामग्री के जिाए जािे को प्रनतनषद्ध कर सकेगी ।   

20. आिोमोबाइि स ेउत् सजचिों के मािक सनुिनश् र्त करि ेके निए अिदुये दिे ेकी शनक् त––यह सुनिनश् र्त करिे की दनृ‍ ि से 

क्रक िारा 17 की उपिारा (1) के खण् र्ड (छ) के अिीि राज् य बोर्डच द्वारा आिोमोबाइि से वायु प्रदषूकों के उत् सजचि के निए अनिकनथत 

मािकों का अिुपािि क्रकया जा रहा ह,ै राज् य सरकार, राज् य बोर्डच के परामशच से, मोिर याि अनिनियम, 1939 (1939 का 4) के अिीि 

मोिर यािों के रनजस् रीकरण के भारसािक संबंनित प्रानिकारी को ऐसे अिुदशे द ेसकेगी, जैसे वह ठीक समझे और ऐसा प्रानिकारी उस 

अनिनियम में या उसके अिीि बिाए गए क्रक‍ हीं नियमों में अ‍ तर्वच‍ ि क्रकसी बात के होते हुए भी, ऐसे अिुदशेों के अिुपािि के निए 

आबद्ध होगा ।  

21. कुछ औद्योनगक सयंतं्रों के प्रयोग पर निबच‍ िि––1[(1) इस िारा के उपबंिों के अिीि रहते हुए, कोई व् यनक् त राज् य बोर्डच 

की पूवच सम् मनत के नबिा, क्रकसी वायु प्रदषूण नियंत्रण िेत्र में कोई औद्योनगक संयंत्र स् थानपत या प्रर्ानित िहीं करेगा :  

परंतु वायु (प्रदषूण निवारण और नियंत्रण) संशोिि अनिनियम, 1987 की िारा 9 के प्रारंभ के ठीक पूवच क्रकसी वायु प्रदषूण 

नियंत्रण िेत्र में क्रकसी औद्योनगक संयंत्र को प्रर्ानित करिे वािा व् यनक् त, नजसके निए ऐसे प्रारंभ के पूवच कोई सम् मनत्त आवश् यक िहीं 

थी, ऐसे प्रारंभ से तीि मास की अवनि तक या यक्रद उसिे उक् त तीि मास की अवनि के भीतर ऐसी सम् मनत के निए कोई आवेदि क्रकया 

ह,ै तो ऐसे आवेदि का निपिारा क्रकए जािे तक ऐसा करता रहेगा ।]  

(2) उपिारा (1) के अिीि राज् य बोर्डच की सम् मनत के निए, आवेदि के साथ ऐसी फीस होगी, जो नवनहत की जाए और वह 

नवनहत प्ररूप में क्रदया जाएगा और उसमें औद्योनगक संयंत्र की नवनशन‍ ियां और ऐसी अ‍ य नवनशन‍ ियां भी होंगी, जो नवनहत की जाएं : 

पर‍ तु जहां कोई व् यनक् त, वायु प्रदषूण नियंत्रण िेत्र के रूप में क्रकसी िेत्र के घोनषत क्रकए जािे स ेठीक पूवच, 2*** ऐसे िेत्र में 

कोई औद्योनगक संयंत्र प्रर्ानित करता ह,ै वहां ऐसा व् यनक् त इस उपिारा के अिीि आवेदि ऐसी अवनि के अ‍ दर (जो ऐसी घोषणा की 

तारीख से कम से कम तीि मास की होगी), जो नवनहत की जाए, करेगा और जहां ऐसा व् यनक् त ऐसा आवेदि करता ह ैवहां उसके बारे में 

यह समझा जाएगा क्रक वह उस समय तक, ऐसा औद्योनगक संयंत्र राज् य बोर्डच की सम् मनत से प्रर्ानित कर रहा है जब तक क्रक सम् मनत के 

निए राज् य बोर्डच को क्रकया गया आवेदि अस् वीकृत िहीं हो जाता ।  

(3) राज् य बोर्डच, उपिारा (1) में निर्दच‍ ि सम् मनत के निए आवेदि के सम् ब‍ ि में ऐसी जांर् कर सकेगा जो वह ठीक समझे और 

ऐसी कोई जांर् करते समय ऐसी प्रक्रिया का अिुसरण करेगा जो नवनहत की जाए ।   

(4) राज् य बोर्डच, उपिारा (1) में निर्दच‍ ि सम् मनत के निए आवेदि की प्रानप् त के पश् र्ात् र्ार मास की अवनि के भीतर निनखत 

आदशे द्वारा, 1[और उसके निए जो कारण हैं उ‍ हें आदशे में िेखबद्ध करके ऐसी सम् मनत नजसके निए आवेदि क्रकया गया ह,ै ऐसी शतों के 

अिीि रहते हुए और ऐसी अवनि के निए जो आदशे में नवनिर्दच‍ ि की जाए, प्रदाि कर सकेगा या ऐसी सम् मनत से इंकार कर सकेगा :]  

3[परंतु उस अवनि की समानप् त के पूवच नजसके निए वह प्रदाि की गई ह,ै ऐसी सम् मनत को रद्द करिे की या ऐसी समानप् त के 

पश् र्ात् आग ेसम् मनत दिेे से इंकार करिे की राज् य बोर्डच को छूि होगी यक्रद वे शतें, नजिके अिीि ऐसी सम् मनत दी गई ह,ै पूरी िहीं की 

जाती हैं :  

परंतु यह और क्रक पहिे परंतुक के अिीि क्रकसी सम् मनत को रद्द करिे या आगे सम् मनत दिेे से इ‍ कार करिे से पूवच संबंनित 

व् यनक् त को सुिे जािे का उनर्त अवसर क्रदया जाएगा ।] 

(5) ऐसा प्रत् येक व् यनक् त नजसे राज् य बोर्डच द्वारा सम् मनत उपिारा (4) के अिीि दी गई ह,ै निम् िनिनखत शतों का अिुपािि 

करेगा, अथाचत् :–– 

(i) ऐसे नवनिदशेों वािा नियंत्रण उपस् कर, जो राज् य बोर्डच द्वारा इस निनमत्त अिमुोक्रदत क्रकया जाए ऐसे पररसर में 

संस् थानपत और प्रर्ानित क्रकया जाएगा जहां उद्योग र्िाया जाता ह ैया र्िाए जािे की प्रस् ताविा ह;ै   

(ii) नवद्यमाि नियंत्रण उपस् कर में, यक्रद कोई ह,ै पररवतचि या उसके स् थाि पर दसूरे उपस् कर का प्रनतस् थापि, राज् य 

बोर्डच के निदशेों के अिुसार क्रकया जाएगा ;  

(iii) खण् र्ड (i) या (ii) में निर्दच‍ ि नियंत्रण उपस् कर सभी समयों पर अच् छी र्ािू हाित में रखा जाएगा ;   

(iv) ऐसे पररसरों में ऐसे नवनिदेशिों की नर्मिी, जहां कहीं आवश् यक ह,ै जो बोर्डच इस निनमत्त अिुमोक्रदत करे, 

िगाई जाएगी या पुि: िगाई जाएगी ;  

                                                 
1 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 9 द्वारा प्रनतस् थानपत । 
2 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 9 द्वारा िोप क्रकया गया । 
3 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 9 द्वारा अंत:स् थानपत । 



 9 

(v) ऐसी अ‍ य शतें, जो राज् य बोर्डच इस निनमत्त नवनिर्दच‍ ि करे; और  

(vi) खण् र्ड (i), खण् र्ड (ii) और खण् र्ड (iv) में नवनिर्दच‍ ि शतों का अिुपािि ऐसी अवनि के भीतर क्रकया जाएगा जैसी 

राज् य बोर्डच इस निनमत्त नवनिर्दच‍ ि करे :   

 पर‍ तु ऐसे क्रकसी व् यनक् त के मामिे में, जो वायु प्रदषूण नियंत्रण िेत्र के रूप में क्रकसी िेत्र के घोनषत क्रकए जािे से ठीक पूवच,           
1*** ऐसे िेत्र में कोई औद्योनगक संयंत्र प्रर्ानित कर रहा ह,ै इस प्रकार नवनिर्दच‍ ि की जािे वािी अवनि छह मास से कम                        

की िहीं होगी :  

 पर‍ तु यह और क्रक––  

(क) खण् र्ड (i) के अिीि नवनिदशेों के अिुसार क्रकसी नियंत्रण उपस् कर के संस् थापि के पश् र्ात्, या   

(ख) खण् र्ड (ii) के अिीि राज् य बोर्डच के निदशेों के अिुसार क्रकसी नियंत्रण उपस् कर में पररवतचि या उसके स् थाि पर 

दसूरे उपस् कर के प्रनतस् थापि के पश् र्ात् या   

(ग) खण् र्ड (iv) के अिीि क्रकसी नर्मिी के िगाए जािे या पुि: िगाए जािे के पश् र्ात्, 

कोई भी नियंत्रण उपस् कर या नर्मिी राज् य बोर्डच के पूवच अिुमोदि के नसवाय, ि तो पररवर्तचत की जाएगी और ि उसके स् थाि पर दसूरी 

प्रनतस् थानपत की जाएगी और, यथानस् थनत, ि तो िगाई जाएगी और ि पुि: िगाई जाएगी ।  

 (6) यक्रद क्रकसी तकिीकी सुिार के कारण या अ‍ यथा राज् य बोर्डच की राय ह ैक्रक उपिारा (5) में निर्दच‍ ि सभी शतों में या क्रकसी 

शतच में पररवतचि अपेनित है (इसमें क्रकसी नियंत्रण उपस् कर का, भागत: या पूणचत: पररवतचि भी सनम् मनित ह)ै तो राज् य बोर्डच उस व् यनक् त 

को नजसे सम् मनत प्रदाि की गई ह,ै सुिवाई का अवसर दिेे के पश् र्ात् ऐसी सभी या क्रक‍ हीं शतों में पररवतचि कर सकेगा और तब ऐसा 

व् यनक् त उस प्रकार पररवर्तचत शतों का अिुपािि करिे के निए आबद्ध होगा ।    

(7) यक्रद कोई व् यनक् त, नजसे उपिारा (4) के अिीि राज् य बोर्डच द्वारा सम् मनत्त प्रदाि की गई ह,ै क्रकसी अ‍ य व् यनक् त को उद्योग 

में अपिा नहत अ‍ तररत करता ह ैतो ऐसे सम् मनत ऐेसे अ‍ य व् यनक् त को प्रदाि की गई समझी जाएगी और वह उि सभी शतों के, नजिके 

अिीि ऐसी सम् मनत प्रदाि की गई थी, अिुपािि के निए उसी प्रकार आबद्ध होगा मािों ऐसी सम् मनत मिूत: उसे ही प्रदाि की गई हो ।   

22. उद्योग आक्रद र्िाि ेवाि ेव् यनक् त राज् य बोर्डों द्वारा अनिकनथत मािकों स ेअनिक वाय ुप्रदषूक उत् सर्जचत िहीं होि ेदेंगे––
2[कोई व् यनक् त जो क्रकसी वायु प्रदषूण नियंत्रण िेत्र में कोई औद्योनगक संयंत्र प्रर्ानित करता ह,ै] राज् य बोर्डच द्वारा िारा 17 की उपिारा 

(1) के खण् र्ड (छ) के अिीि अनिकनथत मािकों से अनिक क्रकसी वायु प्रदषूक का ि तो उत् सजचि करेगा, ि कराएगा और ि करिे की 

अिुज्ञा दगेा ।  

3[22क. बोर्डच की वाय ुको प्रदनूषत करिे स ेव् यनक् तयों को रोकिे के निए ‍ यायािय को आवेदि करिे की शनक् त––(1) जहां बोर्डच 

को यह आशंका है क्रक क्रकसी व् यनक् त द्वारा क्रकसी वायु प्रदषूण नियंत्रण िेत्र में औद्योनगक संयंत्र प्रर्ानित करिे के कारण या अ‍ यथा   

िारा 17 की उपिारा (1) के खंर्ड (छ) के अिीि राज् य बोर्डच द्वारा अनिकनथत मािकों से अनिक क्रकसी वायु प्रदूषक के उत् सर्जचत होिे की 

संभाविा ह,ै वहां बोर्डच ऐसे व् यनक् त को, ऐसे वायु प्रदषूक का उत् सजचि करिे से रोकिे के निए ऐसे क्रकसी ‍ यायािय को, जो क्रकसी 

महािगर मनजस् रेि के या प्रथम वगच ‍ यानयक मनजस् रेि के ‍ यायािय से अवर ि हो, आवेदि कर सकेगा ।    

(2) उपिारा (1) के अिीि आवेदि की प्रानप् त पर ‍ यायािय ऐसा आदशे कर सकेगा जो वह ठीक समझे ।   

(3) जहां उपिारा (2) के अिीि ‍ यायािय क्रकसी व् यनक् त को कोई वायु प्रदषूक उत् सर्जचत करािे, करािे या करिे की अिुज्ञा 

दिेे से रोकिे के निए कोई आदशे करता है तो वह उस आदशे में,––  

(क) उस व् यनक् त को ऐसी कोई कारचवाई करिे से, नजससे उत् सजचि होिे की संभाविा ह,ै प्रनतनवरत रहिे का               

निदशे द ेसकेगा ;   

(ख) यक्रद उपखंर्ड (क) के अिीि निदशे का उस व् यनक् त द्वारा पािि िहीं क्रकया जाता ह,ै नजसको ऐसा निदशे क्रदया 

गया ह,ै तो बोर्डच को ऐसी रीनत से, जो ‍ यायािय द्वारा नवनिर्दच‍ ि की जाए, निदशे को कायाचन‍ वत करिे के निए                    

प्रानिकृत कर सकेगा ।   

(4) उपिारा (3) के खंर्ड (ख) के अिीि ‍ यायािय के निदशेों को कायाचन‍ वत करिे में बोर्डच द्वारा उपगत सभी व् यय, भ-ूराजस् व 

की या िोक मांग की बकाया के रूप में संबद्ध व् यनक् त से वसूि क्रकए जाएंगे ।]  

23. कुछ मामिों में राज् य बोर्डच और अ‍ य अनभकरणों को जािकारी दिेा––(1) जहां क्रकसी 4*** िेत्र में क्रकसी दघुचििा या 

अ‍ य अप्रत् यानशत कायच या घििा के कारण वायुमण् र्डि में कोई वायु प्रदषूक, राज् य बोर्डच द्वारा अनिकनथत मािकों से अनिक उत् सर्जचत 

                                                 
1 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 9 द्वारा िोप क्रकया जाता । 
2 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 10 द्वारा प्रनतस् थानपत । 
3 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 11 द्वारा अंत:स् थानपत। 
4 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 12 द्वारा िोप क्रकया गया । 



 10 

होता ह ैया होिे की आशंका ह ैवहां, उस पररसर का, जहां से ऐसा प्रदषूक उत् सर्जचत होता ह ैया होिे की आशंका ह,ै भारसािक व् यनक् त, 

ऐसी घििा के तथ् य की या ऐसी घििा होिे की आशंका की जािकारी राज् य बोर्डच को और ऐसे प्रानिकाररयों को या अनभकरणों को, जो 

नवनहत क्रकए जाएं, तुर‍ त दगेा ।    

(2) उपिारा (1) में निर्दच‍ ि प्रकार की क्रकसी घििा के तथ् य या उसकी आशंका के संबंि में, सूर्िा की प्रानप् त पर र्ाह ेऐसी 

सूर्िा उस उपिारा के अिीि जािकारी द्वारा नमिे या अ‍ यथा, राज् य बोर्डच और प्रानिकारी या अनभकरण, यावत् साध् य शीघ्र, उपर्ार के 

निए ऐसे उपर्ारी उपाय कराएंगे, जो ऐसे वायु प्रदषूकों के उत् सजचि को कम करिे के निए आवश् यक हैं ।  

(3) उपिारा (2) में निर्दच‍ ि उपर्ारी उपाय करिे के निए राज् य बोर्डच, प्रानिकारी या अनभकरण द्वारा उपगत व् यय, यक्रद कोई 

हों, और उस तारीख से, जब व् ययों के निए मांग की जाती है, उस तारीख तक के निए, जब उिका संदाय कर क्रदया जाता ह,ै ब् याज 

सनहत (ऐसी उनर्त दर पर, जो राज् य सरकार आदशे द्वारा नियत करे), उस बोर्डच, प्रानिकारी या अनभकरण द्वारा संबंनित व् यनक् त से            

भू-राजस् व की बकाया या िोक मांग के रूप में वसूि क्रकया जा सकेगा ।   

24. प्रवशे और निरीिण की शनक् त––(1) इस िारा के उपब‍ िों के अिीि रहते हुए, राज् य बोर्डच द्वारा इस निनमत्त सशक् त 

क्रकसी व् यनक् त को यह अनिकार होगा क्रक वह सभी युनक् तयुक् त समयों पर ऐसी सहायता से, जो वह आवश् यक समझे, क्रकसी स् थाि में 

निम् िनिनखत प्रयोजिों के निए प्रवेश करे, अथाचत् :––  

(क) उसे सौंपे गए राज् य बोर्डच के कृत् यों में से क्रकसी का पािि करिे के प्रयोजि के निए;       

(ख) यह अविाररत करिे के प्रयोजि के निए क्रक क् या ऐसे क्रक‍ हीं कृत् यों का पािि क्रकया जािा ह ैऔर यक्रद हां, तो 

क्रकस रीनत से क्रकया जािा ह ैया क् या इस अनिनियम या उसके अिीि बिाए गए नियमों के क्रक‍ हीं उपब‍ िों का या इस 

अनिनियम के अिीि तामीि की गई सूर्िा, क्रकए गए आदशे, क्रदए गए निदशे या अिुदत्त प्रानिकार का पािि क्रकया जा रहा 

ह ैया क्रकया गया ह ै;   

(ग) क्रकसी निय‍ त्रण उपस् कर, औद्योनगक संयंत्र, अनभिेख, रनजस् िर, दस् तावेज या क्रकसी अ‍ य सारवाि् पदाथच की 

जांर् या परीिा करिे के प्रयोजि से या क्रकसी ऐसे स् थाि की तिाशी िेिे के निए नजसके सम् ब‍ ि में उसके पास यह नवश् वास 

करिे का कारण ह ैक्रक उसके भीतर इस अनिनियम या उसके अिीि बिाए गए नियमों के अिीि कोई अपराि क्रकया गया है 

या क्रकया जा रहा ह ैया क्रकया जािे वािा ह ैऔर ऐसे क्रकसी नियंत्रण उपस् कर, औद्योनगक संयंत्र, अनभिेख, रनजस् िर, दस् तावेज 

या अ‍ य सारवाि् पदाथच का उस दशा में अनभग्रहण करिे के निए, जब उसके पास यह नवश् वास करिे का कारण ह ैक्रक उससे 

इस अनिनियम या उसके अिीि बिाए गए नियमों के अिीि दण् र्डिीय क्रकसी अपराि के क्रकए जािे का साक्ष् य क्रदया            

जा सकेगा ।   

(2) 1[प्रत् येक व् यनक् त, जो क्रकसी वायु प्रदषूण नियंत्रण िेत्र में कोई नियंत्रण उपस् कर या कोई औद्योनगक संयंत्र प्रर्ानित करता 

ह,ै] ऐसे व् यनक् त को सभी सहायता दिेे के निए बाध् य होगा नजसे उपिारा (1) के अिीि राज् य बोर्डच िे उस उपिारा में नवनिर्दच‍ ि कृत् य 

करिे के निए सशक् त क्रकया है और यक्रद वह क्रकसी युनक् तयुक् त कारण या प्रनतहतेु के नबिा ऐसा करिे में असफि रहेगा तो वह इस 

अनिनियम के अिीि अपराि का दोषी होगा ।   

(3) यक्रद कोई व् यनक् त उपिारा (1) के अिीि राज् य बोर्डच द्वारा सशक् त क्रकए गए क्रकसी व् यनक् त को, उसके कतचव् यों के निवचहि में 

जािबूझकर नविंब करेगा या बािा पहुरं्ाएगा तो वह इस अनिनियम के अिीि अपराि का दोषी होगा ।   

(4) दण् र्ड प्रक्रिया संनहता, 1973 (1974 का 2) के उपब‍ ि, या, जम् मू-कश् मीर राज् य या क्रकसी ऐसे िेत्र में, नजसमें वह संनहता 

प्रवृत्त िहीं ह,ै उस राज्य या िेत्र में प्रवृत्त क्रकसी तत् स् थािी नवनि के उपब‍ ि, जहां तक हो सके, इस िारा के अिीि क्रकसी तिाशी या 

अनभग्रहण को वैसे ही िागू होंगे जैसे वे, यथानस् थनत, उक् त संनहता की िारा 94 के अिीि या उक् त नवनि के तत् स् थािी उपब‍ िों के अिीि 

जारी क्रकए गए वारण् ि के प्रानिकार के अिीि की गई क्रकसी तिाशी या अनभग्रहण को िागू होते हैं ।  

25. जािकारी प्राप् त करि ेकी शनक् त––राज् य बोर्डच को सौंपे गए कृत् यों के क्रकए जािे के प्रयोजिों के निए राज् य बोर्डच या राज् य 

बोर्डच द्वारा इस निनमत्त सशक् त कोई अनिकारी ऐसे अनि‍ ठाता या क्रकसी अ‍ य व् यनक् त से, जो कोई उद्योग र्िा रहा ह ैया कोई निय‍ त्रण 

उपस् कर या औद्योनगक संयंत्र प्रर्ानित कर रहा ह,ै कोई जािकारी (नजिके अ‍ तगचत वायुमण् र्डि में निकािे गए वायु प्रदषूण की क्रकस् म के 

बारे में जािकारी भी सनम् मनित है) मांग सकेगा और ऐसी जािकारी के सही होिे की जांर् करिे के प्रयोजि के निए राज् य बोर्डच या ऐसे 

अनिकारी को उस पररसर का निरीिण करिे का अनिकार होगा जहां ऐसा उद्योग, नियंत्रण उपस् कर या औद्योनगक संयंत्र र्िाया या 

प्रर्ानित क्रकया जा रहा है ।   

26. वाय ुया उत् सजचि के िमिू ेििेे––(1) राज् य बोर्डच या उसके द्वारा इस निनमत्त सशक् त क्रकसी अनिकारी को नवश् िेषण के 

प्रयोजि के निए वायु के या क्रकसी नर्मिी, वानहिी या घूमिाि या क्रकसी अ‍ य निकास से उत् सजचि के िमूिे ऐसी रीनत से िेिे की शनक् त 

होगी, जो नवनहत की जाए ।  

                                                 
1 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 13 द्वारा प्रनतस् थानपत । 
 इस अनिनियम को जम्मू-कश्मीर संघ राज्यिेत्र और िद्दाख संघ राज्यिेत्र में अनिसूर्िा सं. सा. का. 3912(अ), तारीख, 30 अक्िूबर, 2019 से िागू क्रकया गया । 



 11 

(2) उपिारा (1) के अिीि उत् सजचि के निए निए गए क्रकसी िमूिे के क्रकसी नवश् िेषण का पररणाम क्रकसी नवनिक कायचवाही में 

साक्ष् य में तब तक ग्राह्य िहीं होगा जब तक क्रक उपिारा (3) और उपिारा (4) के उपब‍ िों का अिुपािि िहीं क्रकया गया हो ।   

(3) उपिारा (4) के उपब‍ िों के अिीि रहते हुए, जब उत् सजचि का िमूिा उपिारा (1) के अिीि नवश् िेषण के निए निया 

गया ह,ै तब िमूिा िेिे वािा व् यनक् त––  

(क) इस प्रकार नवश् िेषण करािे के अपिे आशय की सूर्िा ऐसे प्ररूप में, जो नवनहत क्रकया जाए, अनि‍ ठाता या 

उसके अनभकताच पर तुर‍ त तामीि करेगा;   

(ख) अनि‍ ठाता या उसके अनभकताच की उपनस् थनत में, नवश् िेषण के निए, उत् सजचि का िमूिा िेगा;   

(ग) िमूिे को आिाि या आिािों में रखवाएगा नजसे नर्ननित और सीिब‍ द क्रकया जाएगा और उस पर िमूिा िेि े

वािा व् यनक् त और अनि‍ ठाता या उसका अनभकताच, हस् तािर करेंगे;   

(घ) िारा 17 के अिीि राज् य बोर्डच द्वारा स् थानपत या मा‍ यताप्राप् त प्रयोगशािा को, आिाि या आिािों को, 

अनविम् ब भेजेगा अथवा, यक्रद अनि‍ ठाता या उसके अनभकताच द्वारा उस निनमत्त अिुरोि क्रकए जािे पर जब उस पर खण् र्ड (क) 

के अिीि सूर्िा की तामीि की जाती ह,ै तो वह िारा 28 की उपिारा (1) के अिीि स् थानपत या नवनिर्दच‍ ि प्रयोगशािा को 

अनविम् ब भेजेगा ।   

(4) जब उपिारा (1) के अिीि नवश् िेषण के निए उत् सजचि का िमूिा निया जाता ह ैऔर िमूिा िेिे वािा व् यनक् त अनि‍ ठाता 

या उसके अनभकताच पर उपिारा (3) के खण् र्ड (क) के अिीि सूर्िा की तामीि करता ह,ै तब––   

(क) ऐसे मामिे में जहां अनि‍ ठाता या उसका अनभकताच जािबूझकर अिुपनस् थत रहता ह,ै वहां िमूिा िेिे वािा 

व् यनक् त नवश् िेषण के निए उत् सजचि का िमूिा िेगा और िमूिे को आिाि या आिािों में रखवाएगा, नजसे नर्ननित और 

सीिब‍ द क्रकया जाएगा और िमूिा िेिे वािा व् यनक् त उस पर हस् तािर करेगा; और  

(ख) ऐसे मामिे में जहां िमूिा निए जािे के समय अनि‍ ठाता या उसका अनभकताच उपनस् थत रहता ह,ै क्रक‍ तु 

उपिारा (3) के खण् र्ड (ग) के अिीि अपेनित रूप में उत् सजचि के िमूिे के नर्ननित और सीिब‍ द आिाि या आिािों पर 

हस् तािर करिे से इ‍ कार करता ह ै वहां, नर्ननित और सीिब‍ द आिाि या आिािों पर, िमूिा िेिे वािा व् यनक् त,               

हस् तािर करेगा ;   

और आिाि या आिािों को िारा 28 की उपिारा (1) के अिीि स् थानपत या नवनिर्दच‍ ि प्रयोगशािा को नवश् िेषण के निए अनविम् ब 

भेजेगा और ऐसा व् यनक् त िारा 29 की उपिारा (1) के अिीि नियुक् त सरकारी नवश् िेषक को अनि‍ ठाता या उसके अनभकताच के, 

यथानस् थनत, जािबूझकर अिुपनस् थत रहिे का आिाि या आिािों पर हस् तािर करिे से उसके इ‍ कार करिे के बारे में, निनखत   

जािकारी दगेा ।    

27. िारा 26 के अिीि निए गए िमिूों के नवश् िेषण के पररणाम की ररपोिच––(1) जहां उत् सजचि का िमूिा राज् य बोर्डच द्वारा 

स् थानपत या मा‍ यताप्राप् त प्रयोगशािा को नवश् िेषण के निए भेजा जाता ह ैवहां िारा 29 की उपिारा (2) के अिीि नियुक् त बोर्डच 

नवश् िेषक िमूिे का नवश् िेषण करेगा और नवनहत प्ररूप में ऐस ेनवश् िेषण के पररणाम की ररपोिच तीि प्रनतयों में, यथानस् थनत, के‍ रीय 

बोर्डच या राज् य बोर्डच को देगा ।   

(2) उपिारा (1) के अिीि ररपोिच की प्रानप् त पर ररपोिच की एक प्रनत राज् य बोर्डच, िारा 26 में निर्दच‍ ि अनि‍ ठाता या उसके 

अनभकताच को भेजेगा दसूरी प्रनत उस ‍ यायािय में नजसमें उसके नवरुद्ध कोई नवनिक कायचवाही की जा सकती ह,ै पेश क्रकए जािे के निए 

रखी जाएगी और तीसरी प्रनत राज् य बोर्डच रखेगा ।  

(3) जहां कोई िमूिा िारा 26 की उपिारा (3) या उपिारा (4) के खण् र्ड (घ) के अिीि नवश् िेषण के निए उसमें उन‍ िनखत 

क्रकसी प्रयोगशािा को भेजा गया ह,ै वहां उक् त उपिारा (4) में निर्दच‍ ि सरकारी नवश् िेषक िमूिे का नवश् िेषण करेगा और नवश् िेषण के 

पररणाम को नवनहत प्ररूप में एक ररपोिच तैयार करके तीि प्रनतयों में, राज् य बोर्डच को भेजेगा, जो उपिारा (2) के उपब‍ िों का   

अिुपािि करेगा ।  

(4) िारा 26 की उपिारा (3) के खण् र्ड (घ) में उपबन‍ ित रूप में, अनि‍ ठाता या उसके अनभकताच के अिुरोि पर क्रकसी िमिू े

का नवश् िेषण करािे में उपगत खर्च या उस िारा की उपिारा (4) के अिीि उसके जािबूझकर अिुपनस् थत रहिे या उत् सजचि के िमूिे के 

नर्ननित और सीिब‍ द आिाि या आिािों पर हस् तािर करिे से इ‍ कार करिे की दशा में, ऐसे अनि‍ ठाता या उसके अनभकताच द्वारा 

संदये होगा और व् यनतिम की दशा में वह उससे भू राजस् व या िोक मांग की बकाया के रूप में वसूिीय होगा ।    

28. राज् य वाय ुप्रयोगशािा––(1) राज् य सरकार, राजपत्र में अनिसूर्िा द्वारा––   

(क) एक या अनिक राज् य वायु प्रयोगशािाएं स् थानपत कर सकेगी; या   

(ख) इस अनिनियम के अिीि राज् य वायु प्रयोगशािा को सौंपे गए कृत् य करिे के निए एक या अनिक प्रयोगशािाएं 

या संस् थािों को राज् य वायु प्रयोगशािाओं के रूप में नवनिर्दच‍ ि कर सकेगी ।   



 12 

(2) राज् य सरकार, राज् य बोर्डच से परामशच करिे के पश् र्ात् निम् िनिनखत को नवनहत करिे के निए नियम बिा सकेगी,                

अथाचत् :–– 

(क) राज् य वायु प्रयोगशािा के कृत् य;   

(ख) नवश् िेषण या परीिण के निए उत् सजचि के िमूिे उक् त प्रयोगशािा को भेजिे के निए प्रक्रिया, उस पर 

प्रयोगशािा की ररपोिच का प्ररूप और ऐसी ररपोिच की बाबत संदये फीस;   

(ग) ऐसे अ‍ य नवषय जो उस प्रयोगशािा को अपिे कृत् य करिे के निए समथच बिािे की दनृ‍ ि से आवश् यक या 

समीर्ीि हैं ।   

29. नवश् िेषक––(1) राज् य सरकार, राजपत्र में अनिसूर्िा द्वारा, ऐसे व् यनक् तयों को, नज‍ हें वह ठीक समझे और जो नवनहत 

अहचताएं रखते हैं, िारा 28 की उपिारा (1) के अिीि स् थानपत या नवनिर्दच‍ ि क्रकसी प्रयोगशािा को नवश् िेषण के निए भेजे गए उत् सजचि 

के िमूिों के नवश् िेषण के प्रयोजि के निए सरकारी नवश् िेषक नियुक् त कर सकेगी ।  

(2) िारा 14 के उपब‍ िों पर प्रनतकूि प्रभाव र्डािे नबिा, राज् य बोर्डच राजपत्र में अनिसूर्िा द्वारा और राज् य सरकार के 

अिुमोदि से ऐसे व् यनक् तयों को नज‍ हें वह ठीक समझें और नजिके पास बोर्डच नवश् िेषक होिे के निए नवनहत अहचताएं हों, िारा 17 के 

अिीि स् थानपत या मा‍ यताप्राप् त क्रकसी प्रयोगशािा को नवश् िेषण के निए भेजे गए उत् सजचि के िमूिों के नवश् िेषण के प्रयोजि के निए, 

नियुक् त कर सकेगा ।   

30. नवश् िषेकों की ररपोिच––क्रकसी दस् तावेज का नजसका, यथानस् थनत, क्रकसी सरकारी नवश् िेषक या क्रकसी राज् य बोर्डच 

नवश् िेषक द्वारा हस् तािररत ररपोिच होिा तात् पर्यचत ह,ै इस अनिनियम के अिीि क्रकसी कायचवाही में, उसमें कनथत तथ् यों के साक्ष् य के रूप 

में उपयोग क्रकया जा सकता ह ै।   

31. अपीिें––(1) इस अनिनियम के अिीि राज् य बोर्डच द्वारा क्रकए गए क्रकसी आदशे से व् यनथत कोई व् यनक् त उस तारीख से, 

नजसको उसे वह आदशे संसूनर्त क्रकया गया ह,ै तीस क्रदि के भीतर ऐसे प्रानिकरण को (नजसे इसमें इसके पश् र्ात् अपीि प्रानिकरण कहा 

गया ह)ै, अपीि कर सकेगा नजसे राज् य सरकार गरठत करिा ठीक समझे :  

पर‍ तु अपीि प्रानिकरण तीस क्रदि की उक् त अवनि के अवसाि के पश् र्ात् अपीि उस दशा में ग्रहण कर सकेगा जब ऐसे 

प्रानिकरण का यह समािाि हो जाए क्रक अपीिाथी समय पर अपीि फाइि करिे में पयाचप् त हतेुक से निवाररत हो गया था ।   

(2) अपीि प्रानिकरण एक या तीि व् यनक् तयों से, जैसा भी राज् य सरकार ठीक समझे, नमिकर बिेगा, ऐसे व् यनक् त या 

व् यनक् तयों की नियुनक् त राज् य सरकार द्वारा की जाएगी ।   

(3) वह प्ररूप नजसमें और वह रीनत नजससे उपिारा (1) के अिीि अपीि की जा सकेगी तथा ऐसी अपीि के निए संदये फीस 

और अपीि प्रानिकरण द्वारा अिुसरण की जािे वािी प्रक्रिया ऐसी होगी जो नवनहत की जाए ।   

(4)  उपिारा (1) के अिीि की गई अपीि की प्रानप् त पर अपीि प्रानिकरण, अपीिाथी और राज् य बोर्डच को सुिवाई का 

अवसर दिेे के पश् र्ात् अपीि का निपिारा यथासम् भव शीघ्र करेगा ।   

1[31क. निदशे दिे ेकी शनक् त––क्रकसी अ‍ य नवनि में क्रकसी बात के होते हुए भी ककंतु इस अनिनियम के उपबंिों के और ऐसे 

क्रकसी क्रक‍ हीं निदशेों के, जो के‍ रीय सरकार द्वारा इस निनमत्त क्रदए जाएं, अिीि रहते हुए, बोर्डच इस अनिनियम के अिीि अपिी 

शनक् तयों के प्रयोग और अपिे कृत् यों के पािि, क्रकसी व् यनक् त, अनिकारी या प्रानिकारी को निनखत रूप में कोई निदशे जारी कर सकेगा 

और ऐसा व् यनक् त, अनिकारी या प्रानिकारी ऐसे निदशेों का अिुपािि करिे के निए आबद्ध होगा ।  

स् प‍ िीकरण––शंकाओं को दरू करिे के निए यह घोनषत क्रकया जाता है क्रक इस िारा के अिीि निदशे जारी करिे की शनक् त के 

अंतगचत निम् िनिनखत के संबंि में निदशे दिेे की शनक् त भी ह–ै– 

(क) क्रकसी उद्योग प्रर्ािि या प्रक्रिया का बंद क्रकया जािा, प्रनतषेि या नवनियमि; या   

(ख) नवद्युत, जि के प्रदाय या क्रकसी अ‍ य सेवा का बंद क्रकया जािा या नवनियमि ।]  

2[31ख. राष्ट्रीय हररत अनिकरण को अपीि––रा‍ रीय हररत अनिकरण अनिनियम, 2010 के प्रारंभ होिे पर या उसके 

पश् र्ात्, िारा 31 के अिीि अपीि प्रानिकारी के आदशे या नवनिश् र्य से व् यनथत कोई व् यनक् त रा‍ रीय हररत अनिकरण अनिनियम, 

2010 की िारा 3 के अिीि स् थानपत रा‍ रीय हररत अनिकरण को, उस अनिनियम के उपबंिों के अिुसार, अपीि फाइि कर सकेगा ।]  

अध् याय 5 

निनि, िखेा और िखेापरीिा 

                                                 
1 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 14 द्वारा अंत:स् थानपत । 
2 2010 के अनिनियम सं० 19 की िारा 36 और अिसूुर्ी 3 द्वारा अंत:स् थानपत । 



 13 

32. के‍ रीय सरकार द्वारा अनभदाय––के‍ रीय सरकार, संसद ्के नवनि द्वारा इस निनमत क्रकए गए सम् यक् नवनियोग के पश् र्ात,् 

हर नवत्तीय वषच में राज् य बोर्डों को ऐसे अनभदाय कर सकेगी जो वह राज् य बोर्डों को इस अनिनियम के अिीि उिके कृत् यों के पािि के 

निए समथच बिािे के निए आवश् यक समझे :  

 पर‍ तु इस िारा की कोई बात, जि (प्रदषूण निवारण तथा नियंत्रण) अनिनियम, 1974 (1974 का 6) की िारा 4 के अिीि 
1[गरठत राज् य प्रदषूण नियंत्रण बोर्डच] को, नजसे उस अनिनियम द्वारा, या उसके अिीि अपिी निनि में से, वायु प्रदषूण के निवारण, 

नियंत्रण या उपशमि के संबंि में उस समय प्रवृत्त क्रकसी नवनि के अिीि अपिे कृत् यों के पािि के निए भी िि व् यय करिे के निए 

सशक् त कर क्रदया गया ह,ै िागू िहीं होगी ।   

33. बोर्डच की निनि––(1) इस अनिनियम के प्रयोजिों के निए प्रत् येक राज् य बोर्डच स् वयं अपिी एक निनि रखेगा और वे सभी 

रानशयां, जो समय-समय पर, उसे के‍ रीय सरकार द्वारा संदत्त की जाएं तथा उस बोर्डच की (राज् य सरकार से अनभदाय, यक्रद कोई ह,ै 

फीस, दाि, अिुदाि, संदाि, उपकृनत के रूप में या अ‍ यथा) सभी अ‍ य प्रानप् तयां उस बोर्डच की निनि में जमा की जाएंगी और उस बोर्डच 

द्वारा सभी संदाय उसी में से क्रकए जाएंगे ।    

(2) प्रत् येक ऐसा राज् य बोर्डच इस अनिनियम के अिीि अपिे कृत् यों का पािि करिे के निए ऐसी रानशयां व् यय कर सकेगा जो 

वह ठीक समझे और ऐसी रानशयां उस बोर्डच की निनि में से संदये व् यय मािी जाएंगी ।    

(3) इस िारा की कोई बात, जि (प्रदषूण निवारण तथा नियंत्रण) अनिनियम, 1974 (1974 का 6) की िारा 4 के अिीि 
1[गरठत राज् य प्रदषूण नियंत्रण बोर्डच] को, नजसे उस अनिनियम द्वारा उसके अिीि अपिी निनि में से, वायु प्रदषूण के निवारण, नियंत्रण 

या उपशमि के संबंि में उस समय प्रवृत्त क्रकसी नवनि के अिीि अपिे कृत् यों के पािि के निए भी िि व् यय करिे के निए सशक् त कर 

क्रदया गया ह,ै िागू िहीं होगी ।    

2[33क. बोर्डच की उिार ििे ेकी शनक् त––बोर्डच, इस अनिनियम के अिीि अपिे सभी या क्रक‍ हीं कृत् यों का निवचहि करिे के निए 

यथानस् थनत, कें रीय सरकार या राज् य सरकार की सम् मनत से या उसके द्वारा उसे क्रदए गए क्रकसी सािारण या नवशेष प्रानिकार के 

निबंििों के अिुसार उिार के रूप में या बंिपत्रों, नर्डवेंर्रों या ऐसी अ‍ य निखतों का निगचमि करके, जो वह ठीक समझे क्रकसी भी स् त्रोत 

से िि उिार िे सकेगा ।]  

34. बजि––यथानस् थनत, के‍ रीय बोर्डच या राज् य बोर्डच हर एक नवत्तीय वषच के दौराि आगामी नवत्तीय वषच की बाबत ऐसे प्ररूप 

में और ऐसे समय पर जो नवनहत क्रकया जाए, बजि तैयार करेगा नजसमें इस अनिनियम के अिीि प्राक् कनित प्रानप् तयां और व् यय दर्शचत 

होंगे तथा उसकी प्रनतयां, यथानस् थनत, के‍ रीय सरकार या राज् य सरकार को अग्रेनषत की जाएंगी ।   

3[35. वार्षचक ररपोिच––(1) कें रीय बोर्डच, हर नवत्तीय वषच के दौराि ऐसे प्ररूप में, जो नवनहत क्रकया जाए, एक वार्षचक ररपोिच 

तैयार करेंगा, नजसमें पूवचवती नवत्तीय वषच के दौराि इस अनिनियम के अिीि उसके क्रियाकिाप का पूरा नववरण क्रदया जाएगा और 

उसकी प्रनतयां पूवचवती नवत्तीय वषच की अंनतम तारीख से र्ार मास के भीतर कें रीय सरकार को भेजी जाएंगी और वह सरकार ऐसी 

प्रत् येक ररपोिच को पूवचवती नवत्तीय वषच की अंनतम तारीख से िौ मास के भीतर संसद ्के दोिों सदिों के समि रखवाएगी ।   

(2) प्रत् येक राज् य बोर्डच हर नवत्तीय वषच के दौराि ऐसे प्ररूप में, जो नवनहत क्रकया जाए, एक वार्षचक ररपोिच तैयार करेगा नजसमें 

पूवचवती नवत्तीय वषच के दौराि इस अनिनियम के अिीि उसके क्रियाकिापों का पूरा नववरण क्रदया जाएगा और उसकी प्रनतयां पूवचवती 

नवत्तीय वषच की अंनतम तारीख से र्ार मास के भीतर राज् य सरकार को भेजो जाएंगी और वह सरकार ऐसी प्रत् येक ररपोिच को पूवचवती 

नवत्तीय वषच के अंनतम तारीख से िौ मास की अवनि के भीतर राज् य नविाि-मंर्डि के समि रखवाएगी ।]  

36. िखेा और िखेा परीिा––(1) प्रत् येक बोर्डच इस अनिनियम के अिीि अपिे कृत् यों के सम् ब‍ ि में समुनर्त िेखे और अ‍ य 

सुसंगत अनभिेख रखेगा तथा िेखाओं का एक वार्षचक नववरण ऐसे प्ररूप में तैयार करेगा जो, यथानस् थनत, के‍ रीय सरकार या राज् य 

सरकार नवनहत करे ।  

(2) बोर्डच के िेखाओं की िेखापरीिा ऐसे िेखापरीिक द्वारा की जाएगी जो कम् पिी अनिनियम, 1956 (1956 का 1) की   

िारा 226 के अिीि कम् पनियों के िेखापरीिक के रूप में कायच करिे के निए सम् यक् रूप में अर्हचत ह ै।   

(3) उक् त िेखापरीिक, यथानस् थनत, के‍ रीय सरकार या राज् य सरकार द्वारा भारत के नियंत्रक और महािेखापरीिक की 

सिाह पर नियुक् त क्रकया जाएगा ।  

(4) इस अनिनियम के अिीि बोर्डच के िेखाओं की िेखापरीिा करिे के निए नियुक् त प्रत् येक िेखापरीिक को बनहयों, िेखा, 

सम् बद्ध वाउर्रों और अ‍ य दस् तावेजों तथा कागजपत्रों के पेश क्रकए जािे की मांग करिे का और बोर्डच के कायाचियों में से क्रकसी कायाचिय 

का निरीिण करिे का अनिकार होगा ।  

(5) प्रत् येक ऐसा िेखापरीिक, िेखाओं की िेखा परीनित प्रनत सनहत, अपिी ररपोिच की एक प्रनत, यथानस् थनत, के‍ रीय 

सरकार या राज् य सरकार को भेजेगा ।  

                                                 
1 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 15 द्वारा प्रनतस् थानपत । 
2 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 16 द्वारा प्रनतस् थानपत । 
3 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 17 द्वारा प्रनतस् थानपत । 



 14 

(6) के‍ रीय सरकार उपिारा (5) के अिीि िेखापरीिा ररपोिच की प्रानप् त के पश् र्ात्, यथाशीघ्र, उसे संसद ्के दोिों सदिों के 

समि रखवाएगी ।   

(7) राज् य सरकार उपिारा (5) के अिीि िेखापरीिा ररपोिच की प्रानप् त के पश् र्ात्, यथाशीघ्र उसे नविाि-मण् र्डि के समि 

रखवाएगी ।   

अध् याय 6 

शानस् तया ंऔर प्रक्रिया 

1[37. िारा 21 या िारा 22 के उपबिंों का या िारा 31क के अिीि जारी क्रकए गए निदशेों का अिपुािि करिे में           

असफिता––(1) जो कोई िारा 21 या िारा 22 के उपबंिों का या िारा 31क के अिीि जारी क्रकए गए निदशेों का अिुपािि करिे में 

असफि रहगेा वह ऐसी प्रत् येक असफिता की बाबत, कारावास से, नजसकी अवनि एक वषच छह मास से कम की िहीं होगी क्रक‍ तु जो 

छह वषच तक की हो सकेगी और जुमाचिे से, और यक्रद असफिता जारी रहती ह ैतो ऐसे अनतररक् त जुमाचि ेसे, जो प्रथम ऐसी असफिता के 

निए दोषनसद्ध क्रकए जािे के पश् र्ात् ऐसे प्रत् येक क्रदि के निए नजसके दौराि ऐसी असफिता जारी रहती ह,ै पांर् हजार रुपए तक का हो 

सकेगा, दंर्डिीय होगा ।   

(2) यक्रद उपिारा (1) में निर्दच‍ ि असफिता दोषनसद्ध क्रकए जािे की तारीख के पश् र्ात् एक वषच की अवनि से परे जारी रहती 

ह,ै तो अपरािी कारावास से नजसकी अवनि दो वषच से कम की िहीं होगी ककंतु जो सात वषच तक की हो सकेगी और जुमाचिे से ,                    

दरं्डिीय होगा ।]  

38. कुछ कायों के निए शानस् त––जो कोई–– 

(क) बोर्डच के प्रानिकार से या उसके अिीि भूनम पर िगे क्रकसी स् तम् भ, थम् ब या खूंिे को या िगाई गई, अ‍ तर्िचनखत 

या रखी गई क्रकसी सूर्िा या अ‍ य पदाथच को ि‍ ि करेगा, नगराएगा, हिाएगा या िनत पहुरं्ाएगा या उसे नवरूनपत करेगा; या  

(ख) बोर्डच के आदशेों या निदशेों के अिीि कायच करिे वािे क्रकसी व् यनक् त को इस अनिनियम के अिीि अपिी 

शनक् तयों का प्रयोग और अपिे कृत् यों का पािि करिे में बािा र्डािेगा; या   

(ग) बोर्डच के क्रकसी संकमच या सम् पनत्त को िुकसाि पहुंर्ाएगा; या   

(घ) बोर्डच को या बोर्डच के क्रकसी अनिकारी या अ‍ य कमचर्ारी को कोई ऐसी जािकारी दिेे में असफि रहगेा नजसकी 

इस अनिनियम के प्रयोजि के निए बोर्डच या ऐसा अनिकारी या अ‍ य कमचर्ारी अपेिा करे; या    

(ङ) राज् य बोर्डच द्वारा अनिकनथत मािकों से अनिक पररमाण में वायु प्रदषूकों के वायुमण् र्डि में उत् सजचि की घििा 

या ऐसी घििा होिे की आशंका की सूर्िा िारा 23 की उपिारा (1) के अिीि अपेनित रूप में राज् य बोर्डच और अ‍ य नवनहत 

प्रानिकरणों या अनभकरणों को दिेे में असफि रहगेा; या   

(र्) कोई ऐसी जािकारी दिेे में, नजसका क्रदया जािा उससे इस अनिनियम के अिीि अपनेित ह,ै ऐसा कथि करेगा 

नजसकी कोई महत् वपूणच नवनश‍ ि नमथ् या ह;ै या   

(छ) िारा 21 के अिीि कोई सम् मनत प्राप् त करिे के प्रयोजि के निए, ऐसा कथि करेगा नजसकी कोई महत् वपूणच 

नवनशन‍ ि नमथ् या ह,ै   

तो वह कारावास से, नजसकी अवनि तीि मास तक की हो सकेगी या जुमाचिे से जो 2[दस हजार रुपए] तक का हो सकेगा, या दोिों से, 

दण् र्डिीय होगा ।   

3[39. अनिनियम के कुछ उपब‍ िों के उ‍ िघंि के निए शानस् त––जो कोई इस अनिनियम के क्रकसी उपबंि या उसके अिीि 

जारी क्रकए गए क्रकसी आदशे या निदशे का, नजसके निए इस अनिनियम में अ‍ यत्र क्रकसी शानस् त का उपबंि िहीं क्रकया गया ह,ै उ‍ िंघि 

करेगा तो वह कारावास से नजसकी अवनि तीि मास तक की हो सकेगी या जुमाचि ेसे जो दस हजार रुपए तक का हो सकेगा या दोिों से 

और यक्रद उ‍ िंघि जारी रहता है तो ऐसे अनतररक् त जुमाचिे से, जो प्रथम ऐसे उ‍ िंघि के निए दोषनसद्ध क्रकए जािे के पश् र्ात् ऐस े

प्रत् येक क्रदि के निए नजसके दौराि ऐसा उ‍ िंघि जारी रहता ह,ै पांर् हजार रुपए तक का हो सकेगा, दंर्डिीय होगा ।] 

40. कम् पनियों द्वारा अपराि––(1) जहां इस अनिनियम के अिीि कोई अपराि क्रकसी कम् पिी द्वारा क्रकया गया ह,ै वहां प्रत् येक 

व् यनक् त जो उस अपराि के क्रकए जािे के समय उस कम् पिी के कारबार के संर्ािि के निए उस कम् पिी का सीिे भारसािक और उसके 

प्रनत उत्तरदायी था और साथ ही वह कम् पिी भी, ऐसे अपराि के दोषी समझे जाएंगे और तदिुसार अपिे नवरुद्ध कायचवाही क्रकए जािे 

और दनण् र्डत क्रकए जािे के भागी होंगे :  

                                                 
1 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 18 द्वारा प्रनतस् थानपत । 
2 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 19 द्वारा प्रनतस् थानपत । 
3 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 20 द्वारा प्रनतस् थानपत । 



 15 

पर‍ तु इस उपिारा की कोई बात क्रकसी ऐसे व् यनक् त को दण् र्ड का भागी िहीं बिाएगी, यक्रद वह यह सानबत कर दतेा है, क्रक 

अपराि उसकी जािकारी के नबिा क्रकया गया था या उसिे ऐसे अपराि के क्रकए जािे का निवारण करिे के निए सब सम् यक् तत् परता 

बरती थी ।   

(2) उपिारा (1) में क्रकसी बात के होते हुए भी, जहां इस अनिनियम के अिीि कोई अपराि क्रकसी कम् पिी द्वारा क्रकया गया ह ै

और यह सानबत हो जाता ह ै क्रक वह अपराि कम् पिी के क्रकसी निदशेक, प्रब‍ िक, सनर्व या अ‍ य अनिकारी की सम् मनत या 

मौिािुकूिता से क्रकया गया ह ैया उस अपराि का क्रकया जािा उसकी क्रकसी अपेिा के कारण मािा जा सकता ह,ै वहां ऐसा निदशेक, 

प्रब‍ िक, सनर्व या अ‍ य अनिकारी भी उस अपराि का दोषी समझा जाएगा और तदिुसार अपिे नवरुद्ध कायचवाही क्रकए जािे और 

दनंर्डत क्रकए जािे का भागी होगा ।   

स् प‍ िीकरण––इस िारा के प्रयोजिों के निए––  

(क) “कम् पिी” से कोई निगनमत निकाय अनभप्रेत ह ै और इसके अ‍ तगचत फमच या व् यन‍ ियों का अ‍ य संगम भी                 

ह,ै तथा  

(ख) फमच के संबंि में “निदशेक” से उस फमच का भागीदार अनभप्रेत ह ै।    

41. सरकारी नवभागों द्वारा अपराि––(1) जहां इस अनिनियम के अिीि कोई अपराि सरकार के क्रकसी नवभाग द्वारा क्रकया 

गया ह,ै वहां नवभागाध् यि उस अपराि का दोषी समझा जाएगा और तदिुसार अपिे नवरुद्ध कायचवाही क्रकए जािे और दनण् र्डत क्रकए 

जािे का भागी होगा :  

पर‍ तु इस िारा की कोई बात क्रकसी नवभागाध् यि को क्रकसी दण् र्ड का भागी िहीं बिाएगी, यक्रद वह यह सानबत कर द ेक्रक 

अपराि उसकी जािकारी के नबिा क्रकया गया था या उसिे ऐसे अपराि के क्रकए जािे का निवारण करिे के निए सब सम् यक् तत् परता 

बरती थी ।  

(2) उपिारा (1) में क्रकसी बात के होते हुए भी, जहां इस अनिनियम के अिीि कोई अपराि क्रकसी नवभागाध् यि द्वारा क्रकया 

जाता ह ैऔर यह सानबत हो जाता ह ैक्रक वह अपराि नवभागाध् यि से नभ‍ ि क्रकसी अनिकारी की सम् मनत या मौिािुकूिता से क्रकया गया 

ह ैया अपराि का क्रकया जािा उसकी क्रकसी उपेिा के कारण मािा जा सकता ह,ै वहां ऐसा अनिकारी भी उस अपराि का दोषी समझा 

जाएगा और तदिुसार अपिे नवरुद्ध कायचवाही क्रकए जािे और दनण् र्डत क्रकए जािे का भागी होगा ।    

42. सद्भावपवूचक की गई कारचवाई के निए संरिण––इस अनिनियम या उसके अिीि बिाए गए नियमों के अिुसरण में 

सद्भावपूवचक की गई या की जािे के निए आशनयत क्रकसी बात के निए कोई भी वाद या अ‍ य नवनिक कायचवाही, सरकार या सरकार के 

क्रकसी अनिकारी या बोर्डच के क्रकसी सदस् य या क्रकसी अनिकारी या अ‍ य कमचर्ारी के नवरुद्ध ि होगी ।  

1[43. अपरािों का सजं्ञाि––(1) कोई भी ‍ यायािय इस अनिनियम के अिीि क्रकसी अपराि का संज्ञाि निम् िनिनखत द्वारा 

क्रकए गए पररवाद पर ही करेगा, अ‍ यथा िहीं––   

(क) बोर्डच या उसके द्वारा इस निनमत्त प्रानिकृत कोई अनिकारी, या   

(ख) ऐसा कोई व् यनक् त नजसिे बोर्डच या यथापूवोक् त प्रानिकृत अनिकारी को अनभकनथत अपराि की और पररवाद 

करिे के अपिे आशय की नवनहत रीनत में कम से कम साठ क्रदि की सूर्िा दी ह,ै   

और क्रकसी महािगर मनजस् रेि या प्रथम वगच ‍ यानयक मनजस् रेि के ‍ यायािय से अवर कोई ‍ यायािय इस अनिनियम के अिीि क्रकसी 

दरं्डिीय अपराि का नवर्ारण िहीं करेगा ।    

(2) जहां उपिारा (1) के खंर्ड (ख) के अिीि कोई पररवाद क्रकया गया ह,ै वहां बोर्डच ऐसे व् यनक् त द्वारा मांग की जािे पर, अपिे 

कब् ज ेमें की सुसंगत ररपोिच उस व् यनक् त को उपिब् ि कराएगा :  

पर‍ तु बोर्डच ऐसे व् यनक् त को ऐसी कोई ररपोिच उपिब् ि करािे से इंकार कर सकेगा यक्रद वह उसकी राय में िोकनहत के              

नवरुद्ध ह ै।] 

44. बोर्डच के सदस् यों, अनिकाररयों, और कमचर्ाररयों का िोक सवेक होिा––बोर्डच के सभी सदस् य, सभी अनिकारी और अ‍ य 

कमचर्ारी, जब वे इस अनिनियम और उसके अिीि बिाए गए नियमों के क्रकसी उपब‍ ि के अिुसरण में कायच कर रह ेहों, या जब उिका 

ऐसा कायच करिा तात् पर्यचत हो, भारतीय दण् र्ड संनहता (1860 का 46) की िारा 21 के अथच में िोक सेवक समझे जाएंगे ।   

45. ररपोिच और नववरनणयां––के‍ रीय बोर्डच इस अनिनियम के अिीि अपिे कृत् यों के संबंि में के‍ रीय सरकार को और राज् य 

बोर्डच इस अनिनियम के अिीि अपिे कृत् यों के संबंि में राज् य सरकार को और के‍ रीय बोर्डच को ऐसी ररपोिें, नववरनणयां, आंकडे, िेखा 

और अ‍ य जािकारी दगेा नजिकी, यथानस् थनत, वह सरकार या के‍ रीय बोर्डच, समय-समय पर अपेिा करे ।   

                                                 
1 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 21 द्वारा प्रनतस् थानपत । 



 16 

46. अनिकाररता का वजचि––क्रकसी नसनवि ‍ यायािय को क्रकसी ऐसे मामिे के बारे में कोई वाद या कायचवाही ग्रहण करिे की 

अनिकाररता िहीं होगी नजसका अविारण करिे के निए इस अनिनियम के अिीि गरठत क्रकसी अपीि प्रानिकरण को इस अनिनियम 

द्वारा या उसके अिीि सशक् त क्रकया गया ह ैऔर इस अनिनियम द्वारा या उसके अिीि प्रदत्त क्रकसी शनक् त के अिुसरण में की गई या की 

जािे वािी क्रकसी कारचवाई की बाबत कोई ‍ यायािय या अ‍ य प्रानिकारी कोई व् यादशे िहीं दगेा ।  

अध् याय 7 

प्रकीणच 

47. राज् य सरकार की राज् य बोर्डच को अनतन‍ ठत करि ेकी शनक् त––(1) यक्रद क्रकसी समय राज् य सरकार की यह राय हो क्रक,––  

(क) इस अनिनियम के अिीि गरठत राज् य बोर्डच िे इस अनिनियम द्वारा या उसके अिीि उस पर अनिरोनपत कृत् यों 

के पािि में बार-बार व् यनतिम क्रकया ह;ै या  

(ख) ऐसी पररनस् थनतयां नवद्यमाि हैं नजिमें ऐसा करिा िोकनहत में आवश् यक हैं,   

तो राज् य सरकार राजपत्र में अनिसूर्िा द्वारा, राज् य बोर्डच को अनिक से अनिक छह मास की ऐसी अवनि के निए अनतन‍ ठत कर सकेगी 

जो अनिसूर्िा में नवनिर्दच‍ ि की जाए :  

 पर‍ तु खण् र्ड (क) में उन‍ िनखत कारणों के आिार पर इस उपिारा के अिीि अनिसूर्िा जारी करिे के पूवच राज् य सरकार, 

राज् य बोर्डच को यह हतेुक दर्शचत करिे के निए उनर्त अवसर दगेी क्रक क् यों ि उसे अनतन‍ ठत कर क्रदया जाए और राज् य बोर्डच के 

स् प‍ िीकरणों और आिेपों पर, यक्रद कोई है, नवर्ार करेगी ।  

(2) उपिारा (1) के अिीि राज् य बोर्डच को अनतन‍ ठत करिे वािी अनिसूर्िा के प्रकाशि पर,––   

(क) अनतन‍ ठत क्रकए जािे की तारीख से सभी सदस् य उस रूप में अपिे पद ररक् त कर देंगे ;   

(ख) ऐसी सभी शनक् तयां, कृत् य और कतचव् य, नजिका इस अनिनियम द्वारा या उसके अिीि राज् य बोर्डच द्वारा प्रयोग, 

पािि या निवचहि क्रकया जा सकता ह,ै जब तक क्रक राज् य बोर्डच उपिारा (3) के अिीि पुिगचरठत िहीं क्रकया जाता ह ैतब तक 

ऐसे व् यनक् त या ऐसे व् यनक् तयों द्वारा प्रयोग, पािि या निवचहि क्रकए जाएंगे नज‍ हें राज् य सरकार निदशे द;े  

(ग) राज् य बोर्डच के स् वानमत् व या उसके नियंत्रण के अिीि सभी सम् पनत्त उस समय तक राज् य सरकार में निनहत रहगेी 

जब तक उपिारा (3) के अिीि बोर्डच पुिगचरठत िहीं हो जाता ।   

(3) उपिारा (1) के अिीि जारी की गई अनिसूर्िा में नवनिर्दच‍ ि अनतन‍ ठत क्रकए जािे की अवनि की समानप् त पर राज् य 

सरकार,––  

(क) अनतन‍ ठत क्रकए जािे की अवनि को अनिक से अनिक छह मास की ऐसी अनतररक् त अवनि के निए बढा सकेगी 

जो वह आवश् यक समझे; या   

(ख) राज् य बोर्डच को, यथानस् थनत, िए िामनिदशेि या नियुनक् त द्वारा पुिगचरठत कर सकेगी और ऐसी दशा में वह 

व् यनक् त, नजसिे उपिारा (2) के खण् र्ड (क) के अिीि अपिा पद ररक् त क्रकया ह,ै िामनिदशेि या नियुनक् त के निए भी पात्र 

होगा :   

पर‍ तु राज् य सरकार, अनतन‍ ठत क्रकए जािे की अवनि की, र्ाह ेवह अवनि उपिारा (1) के अिीि आरम् भ में नवनिर्दच‍ ि की 

गई अवनि ह ैया र्ाह ेउस उपिारा के अिीि बढाई गई अवनि ह,ै समानप् त के पूवच क्रकसी भी समय इस उपिारा के खण् र्ड (ख) के अिीि 

कायचवाही कर सकती ह ै।   

48. जि (प्रदषूण निवारण तथा नियतं्रण) अनिनियम, 1974 के अिीि गरठत के‍ रीय बोर्डच या राज् य बोर्डों के अनतन‍ ठत क्रकए 

जाि ेकी दशा में नवशषे उपबंि––जहां जि (प्रदषूण निवारण तथा नियंत्रण) अनिनियम, 1974 (1974 का 6) के अिीि गरठत के‍ रीय 

बोर्डच या क्रकसी राज् य बोर्डच को उस अनिनियम के अिीि, यथानस् थनत, के‍ रीय सरकार या राज् य सरकार द्वारा अनतन‍ ठत कर क्रदया जाता 

ह,ै वहां इस अनिनियम के अिीि के‍ रीय बोर्डच या ऐसे राज् य बोर्डच की सभी शनक् तयों, कृत् यों और कतचव् यों का, ऐसे अनतन‍ ठत कर क्रदए 

जािे की अवनि के दौराि, ऐसे व् यनक् त या व् यनक् तयों द्वारा प्रयोग, पािि, निवचहि क्रकया जाएगा या, जो ऐसी अवनि के दौराि जि 

(प्रदषूण निवारण तथा नियंत्रण) अनिनियम, 1974 के अिीि के‍ रीय बोर्डच या ऐसे राज् य बोर्डच की शनक् तयों, कृत् यों और कतचव् यों का 

प्रयोग, पािि या निवचहि करता है या करते हैं ।  

49. इस अनिनियम के अिीि गरठत राज् य बोर्डों का नवघिि––(1) जैसे ही और जब क्रकसी राज् य में जि (प्रदषूण निवारण 

तथा नियंत्रण) अनिनियम, 1974 (1974 का 6) प्रवृत्त होता ह ैऔर राज् य सरकार उस अनिनियम के अिीि 1[गरठत राज् य प्रदषूण 

नियंत्रण बोर्डच] करती ह ैवैसे ही इस अनिनियम के अिीि राज् य सरकार द्वारा गरठत बोर्डच का नवघिि हो जाएगा और प्रथम वर्णचत बोर्डच 

राज् य में नद्वतीय वर्णचत बोर्डच की शनक् तयों का प्रयोग और कृत् यों का पािि करेगा ।   

                                                 
1 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 22 द्वारा िोप क्रकया गया । 



 17 

(2) इस अनिनियम के अिीि गरठत राज् य बोर्डच के नवघिि पर,–– 

(क) सभी सदस् य उस रूप में अपिे पद ररक् त कर देंगे;  

(ख) ऐसे नवघिि के ठीक पूवच राज् य बोर्डच के स् वानमत् व के अिीि या उसमें निनहत सभी िि और हर प्रकार की अ‍ य 

सम् पनत्त (नजसके अ‍ तगचत राज् य बोर्डच की निनि भी ह)ै, 1[गरठत राज् य प्रदषूण नियंत्रण बोर्डच] को अ‍ तररत हो जाएगी और उसमें 

निनहत हो जाएगी ;  

(ग) ऐसे नवघिि के ठीक पूवच राज् य बोर्डच के अिीि सेवारत प्रत् येक अनिकारी और अ‍ य कमचर्ारी 1[गरठत राज् य 

प्रदषूण नियंत्रण बोर्डच]  को अ‍ तररत हो जाएगा, उसका अनिकारी या अ‍ य कमचर्ारी बिा जाएगा और वह उसी पदावनि तक 

और उसी पाररश्रनमक पर और सेवा के उ‍ हीं निब‍ ििों और शतों पर पद िारण करेगा नजि पर वह उस पद को उस दशा में 

िारण करता जब इस अनिनियम के अिीि गरठत राज् य बोर्डच का नवघिि ि हुआ होता और वह ऐसा तब तक करता रहगेा 

जब तक 1[गरठत राज् य प्रदषूण नियंत्रण बोर्डच] द्वारा ऐसी अवनि, पाररश्रनमक और सेवा के निब‍ ििों और शतों में सम् यक् रूप 

से पररवतचि िहीं कर क्रदए जाते :  

पर‍ तु ऐसे क्रकसी अनिकारी या अ‍ य कमचर्ारी की पदावनि, पाररश्रनमक और सेवा के निब‍ ििों और शतों में राज् य 

सरकार की पूवच मंजूरी के नबिा ऐसे पररवतचि िहीं क्रकए जाएंगे जो उसके निए अिाभकर हैं ।   

(घ) ऐेसे नवद्यिि से ठीक पूवच राज् य बोर्डच के हर प्रकार के सभी दानयत् व और बाध् यताएं यथानस् थनत, 1[गरठत राज् य 

प्रदषूण नियंत्रण बोर्डच] के दानयत् व या बाध् यताएं समझी जाएंगी और ऐसे क्रकसी दानयत् व और बाध् यता के सम् ब‍ ि में इस 

अनिनियम के अिीि गरठत राज् य बोर्डच द्वारा या उसके नवरुद्ध ऐसे नवघिि से ठीक पूवच िनम् बत या नवद्यमाि कोई भी 

कायचवाही या वादहतेुक [गरठत राज् य प्रदषूण नियंत्रण बोर्डच] द्वारा उसके नवरुद्ध जारी रखा जा सकेगा या प्रवर्तचत क्रकया जा 

सकेगा ।   

2*   *   *   *   *  

51. रनजस् िर का रखा जािा––(1) प्रत् येक राज् य बोर्डच एक रनजस् िर रखेगा नजसमें उि व् यनक् तयों की नवनशन‍ ियां, नज‍ हें िारा 

21 के अिीि सम् मनत प्रदाि की गई ह,ै ऐसी प्रत् येक सम् मनत के सम् ब‍ ि में उसके द्वारा उत् सजचि के निए अनिकनथत मािक तथा ऐसी 

अ‍ य नवनशन‍ ियां होंगी, जो नवनहत की जाएं ।  

(2) उपिारा (1) के अिीि रखा गया रनजस् िर ऐसे क्रकसी व् यनक् त के जो उ‍ िंघि के निए ऐसे मािकों से नहतबद्ध ह ै या 

प्रभानवत हुआ ह,ै या ऐसे व् यनक् त द्वारा इस निनमत्त प्रानिकृत क्रकसी अ‍ य व् यनक् त के निरीिण के निए सभी युनक् तयुक् त समयों पर खुिा 

रहगेा ।   

52. अ‍ य नवनियों का प्रभाव––परमाणु ऊजाच अनिनियम, 1962 (1962 का 33) द्वारा या उसके अिीि जैसा उपबन‍ ित ह ै

उसके नसवाय, रेनर्डयोिमी वायु प्रदषूण के सम् ब‍ ि में इस अनिनियम के उपब‍ ि इस अनिनियम से नभ‍ ि क्रकसी अनिनियनमनत में उसस े

असंगत क्रकसी बात के होते हुए भी, प्रभावी होंगे ।   

53. के‍ रीय सरकार की नियम बिाि ेकी शनक् त––(1) के‍ रीय सरकार, के‍ रीय बोर्डच के परामशच से राजपत्र में अनिसूर्िा 

द्वारा, निम् िनिनखत नवषयों के बारे में नियम बिा सकेगी, अथाचत् :––  

(क) वे अ‍ तराि तथा वह समय नजि पर और स् थाि नजस पर के‍ रीय बोर्डच के या इस अनिनियम के अिीि गरठत 

उसकी क्रकसी सनमनत के अनिवेशि क्रकए जाएंगे, और ऐसे अनिवेशिों में अिुसररत की जािे वािी प्रक्रिया, नजसके अ‍ तगचत 

िारा 10 की उपिारा (1) और िारा 11 की उपिारा (2) के अिीि कामकाज करिे के निए आवश् यक गणपूर्तच भी ह;ै   

(ख) के‍ रीय बोर्डच की क्रकसी सनमनत के सदस् यों को, जो बोर्डच के सदस् य िहीं ह,ै िारा 11 की उपिारा (3) के अिीि 

संदये फीसें और भते्त;  

(ग) वह रीनत नजससे और वे प्रयोजि नजिके निए िारा 12 की उपिारा (1) के अिीि बोर्डों के साथ व् यनक् त 

सहयुक् त क्रकए जा सकें गे;   

(घ) िारा 12 की उपिारा (1) के अिीि के‍ रीय बोर्डच से सहयुक् त क्रकए जािे वािे व् यनक् तयों को िारा 12 की 

उपिारा (3) के अिीि संदये फीसें और भते्त; 

(ङ) िारा 16 की उपिारा (2) के खण् र्ड (ञ) के अिीि के‍ रीय बोर्डच द्वारा पािि क्रकए जािे वािे कतचव् य ;  

3[(र्) वह प्ररूप नजसमें और वह समय नजसके भीतर कें रीय बोर्डच का बजि िारा 34 के अिीि तैयार क्रकया जा 

सकेगा और कें रीय सरकार को अग्रेनषत क्रकया जा सकेगा;   

                                                 
1 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 22 द्वारा िोप क्रकया गया । 
2 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 15 द्वारा प्रनतस् थानपत । 
3 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 23 द्वारा प्रनतस् थानपत । 



 18 

(र्र्) वह प्ररूप नजसमें के‍ रीय बोर्डच की वार्षचक ररपोिच िारा 35 के अिीि तैयार की जा सकेगी ।]  

(छ) वह प्ररूप नजसमें के‍ रीय बोर्डच के िेखे िारा 36 की उपिारा (1) के अिीि रखे जा सकें गे ।   

(2) इस अनिनियम के अिीि के‍ रीय सरकार द्वारा बिाया गया प्रत् येक नियम बिाए जािे के पश् र्ात् यथाशीघ्र, संसद ् के 

प्रत् येक सदि के समि, जब वह सत्र में हो कुि तीस क्रदि की अवनि के निए रखा जाएगा । यह अवनि एक सत्र में अथवा दो या अनिक 

आिुिनमक सत्रों में पूरी हो सकें गी । यक्रद उस सत्र के या पूवोक् त आिुिनमक सत्रों के ठीक बाद के सत्र के अवसाि के पूवच दोिों सदि उस 

नियम में कोई पररवतचि करिे के निए सहमत हो जाएं तो तत् पश् र्ात ्वह ऐसे पररवर्तचत रूप में ही प्रभावी होगा । यक्रद उक् त अवसाि के 

पूवच दोिों सदि सहमत हो जाएं क्रक वह नियम िहीं बिाया जािा र्ानहए तो तत् पश् र्ात् वह नि‍ प्रभाव हो जाएगा । क्रक‍ तु नियम के ऐसे 

पररवर्तचत या नि‍ प्रभाव होिे से उसके अिीि पहिे की गई क्रकसी बात की नवनिमा‍ यता पर प्रनतकूि प्रभाव िहीं पडेगा ।   

54. राज् य सरकार की नियम बिाि ेकी शनक् त––(1) उपिारा (3) के उपब‍ िों के अिीि रहते हुए, राज् य सरकार राजपत्र में 

अनिसूर्िा द्वारा, िारा 53 की पररनि के अ‍ तगचत ि आिे वािे नवषयों के सम् ब‍ घ में, इस अनिनियम के प्रयोजिों को कायाचन‍ वत करिे 

के निए, नियम बिा सकेगी ।   

(2) नवनश‍ ितया और पूवचगामी शनक् त की व् यापकता पर प्रनतकूि प्रभाव र्डािे नबिा ऐसे नियम निम् िनिनखत सभी नवषयों के 

निए या उिमें से क्रकसी के निए उपब‍ ि कर सकें गे, अथाचत् :–– 

1[(क) इस अनिनियम के अिीि गरठत राज् य बोर्डच के सदस् य सनर्व के रूप में नियुनक् त के निए अपेनित प्रदषूण नियंत्रण के 

वैज्ञानिक, इंजीनियरी या प्रबंि संबंिी पहिुओं की अहचता, ज्ञाि और अिुभव;]  

2[(कक)] इस अनिनियम के अिीि, िारा 7 की उपिारा (7) के अिीि गरठत राज् य बोर्डच के अध् यि और (सदस् य-सनर्व से 

नभ‍ ि) अ‍ य सदस् यों की सेवा के निब‍ िि और शतें;   

(ख) िारा 10 की उपिारा (1) और िारा 11 की उपिारा (2) के अिीि राज् य बोर्डच और उसकी क्रकसी सनमनत के अनिवेशिों 

का अ‍ तराि और समय तथा स् थाि और ऐसे अनिवेशिों में अिुसरण की जािे वािी प्रक्रिया, नजसके अ‍ तगचत उिमें कामकाज करिे के 

निए आवश् यक गणपूर्तच भी ह;ै   

(ग) राज् य बोर्डच की क्रकसी सनमनत के ऐसे सदस् यों को जो बोर्डच के सदस् य िहीं हैं, िारा 11 की उपिारा (3) के अिीि संदये 

फीसें और भते्त;   

(घ) वह रीनत नजससे और वे प्रयोजि नजिके निए िारा 12 की उपिारा (1) के अिीि राज् य बोर्डच के साथ व् यनक् त सहयुक् त 

क्रकए जा सकें गे;   

(ङ) िारा 12 की उपिारा (1) के अिीि के‍ रीय बोर्डच से सहयुक् त क्रकए जािे वािे व् यनक् तयों को िारा 12 की उपिारा (3) के 

अिीि संदये फीसें और भते्त;   

(र्) इस अनिनियम के अिीि गरठत राज् य बोर्डच के सदस् य-सनर्व की, िारा 14 की उपिारा (1) के अिीि सेवा के निब‍ ििों 

और शतें ;   

(छ) क्रकसी राज् य बोर्डच के सदस् य-सनर्व द्वारा िारा 14 की उपिारा (2) के अिीि प्रयोग की जािे वािी शनक् तयां और निवचहि 

क्रकए जािे वािे कतचव् य;   

(ज) वे शतें नजि पर कोई राज् य बोर्डच िारा 14 की उपिारा (3) के अिीि ऐसे अनिकाररयों और अ‍ य कमचर्ाररयों और अ‍ य 

कमचर्ाररयों को नियुक् त कर सकेगा, नज‍ हें वह राज् य बोर्डच के कृत् यों के दि पािि के निए आवश् यक समझता ह ै;   

(झ) वे शतें, नजिके अिीि रहते हुए कोई राज् य बोर्डच िारा 14 की उपिारा (5) के अिीि क्रकसी परामशी को नियुक् त         

कर सकेगा;   

(ञ) िारा 17 की उपिारा (1) के खण् र्ड (झ) के अिीि राज् य बोर्डच द्वारा पािि क्रकए जािे वािे कृत् य;   

(ि) वह रीनत नजससे िारा 19 की उपिारा (1) के अिीि क्रकसी िेत्र या क्रक‍ हीं िेत्रों को वायु प्रदषूण नियंत्रण िेत्र घोनषत 

क्रकया जा सकेगा;  

(ठ) िारा 21 की उपिारा (2) के अिीि राज् य बोर्डच की सम् मनत के निए आवेदि का प्ररूप, उसके निए संदये फीस, वह अवनि 

नजसके भीतर ऐसा आवेदि क्रकया जाएगा और वे नवनशन‍ ियां जो उसमें दी जा सकें गी;   

(र्ड) िारा 21 की उपिारा (3) के अिीि जांर् के सम् ब‍ ि में अिुसरण की जािे वािी प्रक्रिया ;   

(ढ) वे प्रानिकरण और अनभकरण नजिको िारा 23 की उपिारा (1) के अिीि जािकारी दी जाएगी;   

                                                 
1 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 24 द्वारा अंत:स् थानपत । 
2 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 24 द्वारा पुि:संख यांक्रकत । 



 19 

(ण) वह रीनत नजससे िारा 26 की उपिारा (1) के अिीि वायु या उत् सजचि के िमूिे निए जा सकें गे;   

(त) िारा 26 की उपिारा (3) में निर्दच‍ ि सूर्िा का प्ररूप;    

(थ) िारा 27 की उपिारा (1) के अिीि राज् य बोर्डच नवश् िेषक की ररपोिच का प्ररूप ;   

(द) िारा 27 की उपिारा (3) के अिीि सरकारी नवश् िेषक की ररपोिच का प्ररूप;     

(ि) िारा 28 की उपिारा (2) के अिीि राज् य वायु प्रयोगशािा के कृत् य, नवश् िेषण या परीिण के निए उक् त प्रयोगशािा को 

वायु या उत् सजचि के िमूिे दिेे के निए प्रक्रिया, उस पर प्रयोगशािा की ररपोिच का प्ररूप, ऐसी ररपोिच के सम् ब‍ ि में संदये फीसें और ऐसे 

अ‍ य नवषय जो प्रयोगशािा के कृत् यों को करिे के निए, उसे समथच बिािे के निए आवश् यक या समीर्ीि हैं;   

(ि) िारा 29 की उपिारा (1) के अिीि सरकारी नवश् िेषकों के निए अपेनित अहचताएं;   

(प) िारा 29 की उपिारा (2)  के अिीि राज् य बोर्डच नवश् िेषकों के निए अपेनित अहचताएं;  

(फ) िारा 31 की उपिारा (3) के अिीि वह प्ररूप और वह रीनत नजससे अपीिें की जा सकती हैं, ऐसी अपीिों के निए संदये 

फीसें और अपीिों के निपिारे के निए अपीि प्रानिकरण द्वारा अिुसरण की जािे वािी प्रक्रिया;   

1[(ब) वह प्ररूप नजसमें और वह समय नजसके भीतर राज् य बोर्डच का बजि िारा 34 के अिीि तैयार क्रकया जा सकेगा और 

राज् य सरकार को अग्रेनषत क्रकया जा सकेगा ;   

(बब) वह प्ररूप नजसमें राज् य बोर्डच की वार्षचक ररपोिच िारा 35 के अिीि तैयार की जा सकेगी;   

(भ) िारा 36 की उपिारा (1) के अिीि वह प्ररूप नजसमें राज् य बोर्डच के िेखे रखे जा सकें गे;]   

2[(भभ) वह रीनत नजसमें िारा 43 के अिीि पररवाद करिे के आशय की सूर्िा दी जाएगी ।]   

(म) वे नवनशन‍ ियां जो िारा 51 के अिीि रखेग गए रनजस् िर में होंगी;   

(य) कोई अ‍ य नवषय जो नवनहत क्रकया जािा ह ैया क्रकया जाए ।   

(3) राज् य बोर्डच के प्रथम गठि के पश् र्ात् उपिारा (2) में निर्दच‍ ि क्रकसी भी नवषय के [उसके 1[खण् र्ड (कक) में] निर्दच‍ ि नवषयों 

से नभ‍ ि] सम् ब‍ ि में कोई नियम, उस बोर्डच से परामशच क्रकए नबिा ि तो बिाया जाएगा ि पररवर्तचत क्रकया जाएगा, ि संशोनित क्रकया 

जाएगा और ि निरनसत क्रकया जाएगा ।  

3*   *   *   *   *  

 

______ 

                                                 
1 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 24 द्वारा प्रनतस् थानपत । 
2 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 24 द्वारा अंत:स् थानपत । 
3 1987 के अनिनियम सं० 47 की िारा 25 द्वारा िोप क्रकया गया । 


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About this act

Jurisdiction
Central
Enactment date
1981-03-29
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16-05-1981

Schedules

Source and version

India Code, Government of India. Text fetched 15 Oct 2026. Check the linked official text and subsequent notifications when applying a provision.

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