Madhya Pradesh · Act 1 of 1948

MP Agricultural Warehouse Act 1947

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1 
 

मध्यप्रदेश कृषि भण्डारगृह अधिनियम, 1947 

[1948 का क्रमाांक 1] 

विषय - सूची 

अध्याय 1 

प्रारां भभक 

1.  संक्षिप्त नाम ,  विस्तार  और प्रारंभ  

2.  पररभाषाएं  

अध्याय-2 

भन्डार गृहों को लाइसेन्स देिा 

3.  भंडार  गृह  का भण्डारी   

4.  लाइसेन्स  का प्रदाय  

5.  लाइसेन्स  के प्रदाय की  शतें  

6.  भंडारगृह के  भंडारी  के  लाइसेन्स  का  ननलम्बन अथिा ननरस्तीकरण   

7.  लाइसेन्स  के ननरस्तीकरण  का नोटिस   

8.  डुप्लीकेि  लाइसेन्स   

अध्याय-3 

भांडारहगृह वाले कर्तव्य 

9.  भंडाररत  उपज  की  युक्ततयुतत देखभाल  

10.  उपज  की पहचान  बनाए  रखना  



2 
 

11.  उपज  का भंडारगृह  में  सडना  और उसका  ननपिारा   

12.  उपज  को सौंपना   

13.  भंडारगृह में  भंडाररत  उपज  का बीमा  

14.  भंडारगृह में  भंडार  हूेतु खचाा  अनुसूचचत प्राथममकता  के बबना  लेना   

15.  भंडारी अपने  भंडारगृह में  रखी  उपज  हेतु रामश  उधार  नहीं  देगा   

अध्याय-4 

भांडारगृह की रसीदें  

16.  रसीद  जारी  करना  

17.  सौंपने द्िारा  रसीद  का  अन्तरण  योग्य  होना  

18.  डुप्लीकेि  रसीद  

अध्याय -5 

उपज का ननरीिण और िगीकरण 

19.  ननरीिण   

20.  लाइसेन्स  प्राप्त तौलने  िाले ,  सेम्पल करले  िाले और शे्रणी कर  करने  िाले  

21.  तौलने िाले ,  सेम्पल  करने  िाले  और शे्रणी करने  िाले के लाइसेन्स  का ननरस्तीकरण   

22.  डुप्लीकेि   

अध्याय 6 

विविध 

23.  दण्ड  



3 
 

24.  ननयम  

 

 

मध्यप्रदेश कृषि भण्डारगृह अधिनियम, 1947 

[1948 का क्रमाांक 1] 

 [गिानर जनरल की स्िीकृनत 30 टदसम्बर ,  1947 को प्राप्त हुई स्िीकृनत  का मध्य  

प्रान्त एिं बराबर  राजपत्र  असाधारण  टदनांक  5 जनिरी ,  1948 में  प्रथम प्रकाशन हुआ ]  

कृवष एपज के भण्डारण  हेतु भण्डारगृहों की स्थापना  को प्रोत्साटहत करने और उनके 

उचचत ननरीिण  और ननयन्त्रण  का प्रािधान करने हेतु अचधननयम  । 

प्रारंमभक  – जबकक  कक कृवष उपज  के  भण्डारण  हेतु भण्डारगृहों  की स्थापना   को  
प्रोत्साटहत  करना  और उनके  उचचत ननरीिण  और ननयंत्रण  हेतु प्रािधान  करना सामनयक  है ;  

अत :  इसे एतद्द्िारा ननम्नानुसार  अचधननयम  ककया  जाये— 

अध्याय 1 

प्रारम्भभक 

1.  सांक्षिप्र्  िाम ,  षवस्र्ार और प्रारां भभक—(1) यह अचधननयम मध्य  प्रदेश  भण्डार  

गृह अचधननयम ;  1947 कहलायेगा  ।  

(2)  इसका  विस्तार  िेत्र  संपूणा मध्य प्रदेश होगा  

(3) यह महाकौशल  िेत्र  में  प्रभािशील  होगा  और राज्य के ककसी  अन्य िेत्र  में  यह ऐसे 
टदनांक  से प्रभािशील  होगा ,  जो राज्य शासन राजपत्र  में  अचधसूचना  द्िारा ननयत करे  ।  

2. पररभाषाएं – इस अचधननयम में  जब तक  विषय अथिा संदभा से  अन्यथा  अपेक्षित न  

हो ।  



4 
 

(अ)  “जमा  करने  िाला” अमभप्रेत  है  िह व्यक्तत  जो भणड्ारी  को उसके  भण्डार गृह 

में  भण्डारण  हेतु  कृवष  उपज  अवपात  करता  है  और उसमें  अन्य व्यक्तत सक्म्ममलत  है  

जो ऐसी  उपज  के  विषय  में  भंडारी  द्िारा  जारी  की  गई  रसीद  का  िैध  धारक  है और 

जमा करने िाले  अथिा उसके  िैध  अंतरणी  द्िारा  उसके  पि  में  समथान  अथिा 
अन्तरण  द्िारा उस  पर स्ित्ि प्राप्त  करता  है  ।  

(आ ) “विटहत” से अमभप्रेत है  इस अचधननयम  के  अंतगात  बनाये  गये ननयमों  द्िारा 
विटहत ।  

(इ) “बबटहत प्राचधकारी  से अमभप्रेत है  ऐसा अचधकारी  क्जसे राज्य शासन ननयमों  द्िारा 
इस अचधननयम  के  अंतगात  कताव्यों  के पालन  हेतु विटहत करे  ।  

(ई) भंडारगृह से अमभप्रेत  है भिन अथिा आरक्षित  घेरा क्जसका  प्रयोग कृवष  उपज  में  
भंडारण  के  अमभप्राय हेतु ककया जाता  है  अथिा  ककया  जा सकता  है  ।  

(उ) “भंडारी” से अमभप्रेत है िह व्यककत जो इस  अचधननयम के अंतगात  इस रूप में  
भंडारगृह का  संचालन  करने हेतु लाइसेन्स  प्राप्त  हो  ।  

अध्याय-2 

भण्डारगृहों को लाइसेन्स देिा 

2.  भण्डारी—(1)  प्रत्येक  गृह  हेतु एक  भंण्डारी  रहेगा  

(2) कोई  व्यक्तत भंडारी  का व्यसाय  नहीं  करेगा  मसिाय  इस  अचधननयम  के अंतगात  

लाइसेन्स  प्राप्तकताा के  और ऐसी शतों  और अनुबंधों के अनुरूप  जो समय समय  पर इस  

अचधननयम के  अन्तगात  विटहत  ककये  जायें  ।  

(3) लाइसेन्स  ऐसी अिचध  हेतु िैध  रहेगा  जो  विटहत  की जाये  ।  

4. लाइसेन्स  का प्रदान—(1) लाइसेनस  हूतु आिेदन विटहत प्रारूप  में  विटहत  प्राचधकारी 
को टदया जायेगा।  

(2) विटहत  प्राचधकारी  ऐसा आिेदन  ककये  जाने  पर ,  जो  विटहत  कया  जाए  लाइसेन्स  का  
प्रदान अथिा  निीनीकरण  कर सकेगा ।  



5 
 

5. लाइसेन्स  के प्रदाय की शतें— लाइसेन्स  प्रदान  करने के  पूिा प्रचधकारी  संतुष्ि  कर 

लेगा— 

(एक)  यह  कक भण्डारगृह  कृवष उपज  के  उचचत भंण्डारण  हेतु उपयोगी  है ,  क्जसके  विषय 

में  लाइसेन्स  के  प्रदाय आिेदन ककया  गया  है ;  

(दो)  यह कक आिेदक  ऐसे  भण्डारण  का संचालन  करने में  सिम  है ;  

(तीन)  यह कक ऐसा कोई कारण  विद्यमान नहीं  है क्जससे विटहत प्राचधकारी  के में  
आिेदक  को लाइसेन्स  धारण  करने  हेतु अयोग्य  माना जाये ;  और  

(चार) यह  कक आिेदक  ने ऐसी प्रनतभूनत प्रस्तुत की  है जो  विटहत की  जाये  ।  

6. भण्डारी के लाइसेन्स  का निलभबि अथवा निरस्र्ीकरण- (1) प्रत्सेक  लाइसेन्स  अत्र  

पश्चात  ्प्रािधानों  के अनुसार मलखखत में  कारणों  को दशााते हुए विटहत प्राचधकारी द्िारा ननलंबबत  

अथिा ननरस्त  ककया जा  सकेगा  और विशेष रूप में  यटद  भण्डारी  – 

(अ) टदिामलया  घोवषत  कर  टदया है ;  

(आ ) भण्डारगृह  पर  संपूणा से अथिा  अंशत :  ननयंत्रण  छोड टदया  है ;  

(इ)  ऐसे  भण्डारगृह का  संचालन छोड टदया  है ;  

(ई)  भण्डार के रूप में  उसके  द्िारा की गई सेिाओं  हेतु अत्यचधक  अथिा अनुचचत खचा 
मलया है ;  

(उ) ककसी अन्य रीनत  में  भंडारी के  व्यिसाय  का संचालन करनें  में  सिम नहीं  रहा  है ;  

(ऊ)  उसने  लाइसेन्स  के  ककसी अनुबन्ध  अथिा  इस  ननयम  के ककसी  प्रािधान  और इसके  

अंतगात  बनाये  गये ननयमों  का उलल्घन ककया  है  ।  

(2) राज्य  शासन  कोई  अन्य कारण  विटहत  कर  सकेगा  क्जससे  लाइसेन्स  ननलक्म्बत  

अथिा ननरस्त  ककया जाए  ।  

(3) यटद  लाइसेन्स  ननलंबबत  अथिा  ननरस्त  कर  टदया जाता  है  तो  विटहत  प्राचधकारी  उस  

तथ्य की  लाइसेन्स  में  कर  देगा  ।  



6 
 

7. लाइसेन्स  के ननरस्तीकरण  का सूचना पत्र  – (1) ककसी लाइसेन्स  के  ननरस्त  करने  के 

पूिा विटहत  प्राचधकारी भण्डारी  को सूचना  पत्र  देगा  क्जसमें  उन  आधारों  का कथन होगा  क्जन  पर 

उसका  लाइसेन्स  ननरस्त  ककया  जाना  प्रस्तावित  है  और 15 टदन  के  अंदर  उसे कारण  बताने  हेतु 
कहा जायेगा  तयों न उसका  लाइसेन्स  ननरस्त  कर टदया  जाए।  

(2) भंडारी  के स्पष्िीकरण  पर विचार ककये जाने  के पश्चात ,  यटद  कोई हो ,  विटहत 

प्राचधकारी ऐसा आदेश  पाररत  करेगा  जो  उसे न्यानयक  प्रतीक  हो।  

(3) ककसी  भी  समय  कारणों  को  मलखखत में  दशााते  हुये  विटहत  प्राचधकारी  ककसी लाइसेन्स  

को ननलंबबत  कर सकेगा ।  

(4)  यटद  ककसी  भण्डारी  का लाइसेन्स  ननलक्म्बत  अथिा ननरस्त  कर  टदया  जाता है  तो  
ननलम्बन अथिा ननरस्तीकरण  करने िाले प्राचधसकारी  को यह अचधकार होगा  कक िह भंडारण  को  
ऐसी अिचध  हेतु और ऐसी  शतो  और अनुबंधों पर अपने हाथ  में  ले ले जो विटहत ककया  जाए ,  एक  

डुप्लीकेि लाइसेन्स  जारी कर सकेगा  ।  

8. डुप्लीकेि  लाइसेन्स  – (1)   यटद  ककसी भंडारी  को प्रदत्त  लाइसेन्स  खो जाए  नष्ि  हो 
जाये ,  कि-वपि  अथिा  अन्यथा  पढने  योग्य  न  रहे  तो  विटहत  प्राचधकारी  ऐसे  शुल्क के  चुकाये  जाने  

पर जो  विटहत  ककया जाये ,  एक  डुप्लीकेि  लाइसेन्स  जारी ककया जा  सकेगा  ।  

(2) जब  डुप्लीकेि  लाइसेन्स  जारी  ककया जाये  उस पर “ डुप्लीकेि” मुहर  लगायी  जानी  
चाटहये और डुप्लीकेि  जारी  ककये जाने का टदनांक  अंककत  ककया जाना चाटहये और जारी करने  

िाले कायाालय  के ररकाडा से मूल  लाइसेन्स  जारी करने का  टदनांक  अंककत  ककया जाना  चाटहये  ।  

अध्याय-3 

भांडारी  कर्तव्य 

9. भण्डाररत उपज  की उचचत देखरेख  – प्रत्येक  भण्डारी  उसके  भंण्डारगृह  में  भंडाररत  

उपज  की  िैसी  देख  रेख  केरगा  जैसे एक साधारण  वििेक  िाला व्यक्तत िैसी  पररक्स्थनतयों  में  स्ियं 
की उपज  करता है  ।  

10. उपज  की पहचान  बनाये रखना— प्रत्येक  भंडारी  प्रत्येक  जमा  करने  िाले  की उपज  

की अलग  पहचान  रखने  की  सािधानी  बरतेगा  क्जससे िह  उसे  हर  समय  पहचान  सके  और  जमा  
करने िाले द्िारा  मांग  ककये जाने  पर  बबना  अनुचचत  विलम्ब  के ,  दे  सकेगा :  



7 
 

परन्तु यह कक  जहां  ककसी भण्डारगृह में  प्रमाखणक (स्िेन्डडााइज्ड)  और  शे्रणीबद्ध 

(गेर्डडड)  उपज  भण्डाररत  की  जाती  है ,  तो  भण्डारी  और  जमा  करने  के  बीच  ककसी  करार  के  

अध्यधीन ,  िहां  कई  जमा  करने  िालों की  एक  ऐसी  शे्रणी  के  उपज  के ढेर हो  सकें गे  और  प्रत्येक  

जमा करने  िाला  िजन  अथिा  विशेषता  के अनुरूप अपने अंश  की उपज  पाने  का अचधकारी  होगा  
जैसी रसीद  में  दशााई  गई हो।  

11.  भण्डारगृह में  उपज  का सडना  और उसका  ननपिारा – (1) जब कभी भण्डारगृह  में  
भंडाररत उपज ,  भंडारी  के ननयन्त्रण  के बाहर के कारणों  से ,  सड़ने लगे तो िह यथाशीघ्र ऐसे सडने  
का सूचना-पत्र  जमा  करने िाले  जो देगा  क्जसमें  अपेिा  करेगा कक िह  अपनी  रसीद  िापस करे  

और भंडारगृह  की बाकी  दे  कर उसे  उठा  लें  ।  

(2) युक्ततयुतत समय के अन्दर सूचना-पत्र  का पालन जमा करने िाले द्िारा  नहीं ककये  

जाने की दशा में  भंडारी  ऐसी उपज  को  अपने  भंडारगृह  से हििाने  और जमा करने  िाले व्यय  

और जोखखम पर  सािाजननक  नीलाम  द्िारा विकिा  सकेगा  ।  

(3) कक्ण्डका  (1) के  प्रािधानों  द्िारा  अपेक्षित सूचना  पत्र  की  एक  प्रनत भंडारी  द्िारा उन 

बैक  को दी  जायेगी  क्जसकी  ओर से  जमा  करने  िाले  की उपज  उसके  भंडागृह  में  भंडाररत  है ।  

12. उपज को लौिाना  – प्रत्येक  भंडारी  ककसी युक्ततयुतत अथिा िैधाननक  कारण  के 

अभाि में  बबना  अनुचचत  विलम्ब  के  उसके  भण्डारगृह में  भंडाररत  उपज  जमा  करने  िाले  की  िैध  

मांग पर  और भण्डारगृह की  रसीद  टदये  जाने पर और भंडारी  को देय  खचे के भुगतान पर ,  सौंप  

देगा और भण्डारी और जमा करने िाले के बीच  ककसी करार के अध्यधीन जमा करने िाला  
भण्डारगृह में  भण्डाररत उसकी  उपज  का  एक  अंश  उठा  सकेगा  ।  

13. भंडारगृह में  भण्डाररत उपज  का बीमा – प्रत्येक  भण्डारी  अपने  भण्डारगृह में  
भण्डाररत  उपज  का  बीमा  ऐसे जोखखम  और  ऐसी  सीमा तक  और  ऐसी  रीनत  में  करायेगा  जो विटहत  

की जाये ।  

14.  उपज  को भण्डाररत  करने हेतु बबना अनुचचन प्राथममकता  के खचा मलया जायेगा – 

कोई भंडारी  अपने  व्यिसाय  के  संचालन  के  दौरान  ककसी  व्यक्तत को  अनुचचत प्राथममकता  नहीं  
देगा परन्तु अपने भण्डारगृह में  उपज  को भण्डाररत करने  हेतु खचा में  से ऐसे खचा ले सकेगा  जो  
उसके  अैर जमा  करने  के बीच  तय हो जाये  और यह खचा उसके  लाइसेन्स  में  दी गई शतों द्िारा  
अचधरोवपत सीमाओं  से  अचधक  नहीं  होंगे ।  



8 
 

15. भण्डारी उसके  भण्डारगृह में  रखी  उपज  उधार  रामश नहीं देगा— कोई भण्डारी  अपने 

ओर से अथिा  अन्यों की  ओर से  उस  उपज  पर  कोई  लेन  देन  नहीं  करेगा  अथिा  रामश  उधार  नहीं  
देगा ,  जो  उसे  उसके  भण्डारगृह  में  रखने  हेतु  प्राप्त  होगी :  

परन्तु यह  कक  यह  धारा ,  सरकारी  सममनतयों  पर  अथिा कृवष उपज ,  (विकास एिं 
भण्डारण )  ननगम  अचधननयम ,  1956 (1956 का  क्रमांक  28) के अंतगात  स्थावपत भण्डार  ननगमों  
पर ,  ऐसी सममनतयों  और ननयमों  के  स्िाममत्ि में  और संचामलत  भण्डारगृह के  संबंध  में ,  लागू नहीं 
होगी ।  

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

अध्याय  4 

भण्डारगृह की रसीदें  



9 
 

16. रसीद  जारी ककया जािा— भण्डारी  विटहत प्रारूप में ,  प्रत्येक  जमा करने िाले द्िारा  
उसके  भण्डारण  में  भण्डाररत  उजप  के संबंध  में  पूरे  ब्यौरे देते  हुए ,  रसीद  जारी करेगा ।  

17. रसीद  समतथि  द्वारा अन्र्रण  योग्य रहेगी— ऐसी रसीद  अथिा धारा 18 के 

अंतागत  जारी  की गई  डुप्लीकेि  रसीद ,  जब  तक अन्यथा  विटहत न हो ,  समाथन द्िारा  अंतरण  

योग्य  रहेगी  और उसे  िैधाननक  धारक  को  अचधकार  होगा  कक  िह  उल्लेखखत माल को  उन्ही  शतो  
और अनुबंधो  पर  प्राप्त  कर ले  क्जन पर  जमा  करने  िाला प्राप्त  करता  क्जसने  क्जसने मूल  रूप  में  
उपज  जमा की  है  ।  

18. डुप्लीकेट  रसीद— (1) जहां भण्डारी  द्िारा जारी की  गई  रसीद  खो  जाए ,  नष्ि  हो  
जाये ,  फि  जाये ,  कि  –कफि  जाये अथिा अन्यथा  पढने योग्य न रहे तो विटहत प्राचधकारी ,  इस  

हेतु बनाये  गये ननयमों  के  अध्यधीन ,  डुप्लीकेि  रसीद  देगा ।  

(2) जब  डुप्लीकेि  रसीद  जारी की जाये ,  इस  पर  स्पष्ि   ” डुप्लीकेि” की  मुहर  लगाई 

जायेगी  और  डुप्लीकेि  जारी  ककये  जाने  का  टदनांक  डाला  जायेगा  और  मूल्य रसीद  जारी  ककये  

जाने का कायाालय  से  उपलब्ध  ररकाडा पर से डाला जायेगा  ।  

 

 

 

 

 

 

 

 

 

अध्याय-5 

उपज का ननरीिण और िगीकरण 



10 
 

19. ननरीिण— विटहत  प्राचधकारी ,  ककसी  भी  समय  काया के  घन्िों  में  इस  अचधननयम  के  

अन्तागत लाइसेन्स  प्राप्त  ककसी भण्डारगृह  का भण्डाररत  उपज ,  लेखा  पुस्तको और ररकाडो  का  
ननरीिण ,  स्ियं की संतुक्ष्ि  के अमभप्राय से ,  कर  सकेगा अथिा  ककसी को  प्रनतननयुतत कर सकेगा  
कक अचधननयम और ननयमों  की अपेिाओं का पालन ककया  जा रहा है  ।  

20. लाइसेन्स  प्राप्त  तौल करने िाले ,  प्रनतचयक  (सेम्पलर)  और शे्रणीकारक  (ग्रेडर)— 

(1) विटहत प्राचधकारी ,  योग्यता  प्राप्त सिम  व्यक्ततयों  को तौल करने िाले ,  प्रनतचयक  और शे्रणी 
कारक  का काया करने हेतु ,  लाइसेन्स  दे  सकता  है ताकक  िे भण्डारगृह में  भण्डारगृह  में  भण्डाररत  

अथिा भण्डाररत की जाने  िाली उपज  के ,  क्जसका  ननरीिण  उन्होने ककया हो ,  और उसके  तौल  

विशेषता  और शे्रणी  के प्रमाण  पत्र  जारी  ककेये  गये  प्रमाण  पत्र  भण्डारी  और जमा  करने  पर  

आबद्ध  कर होंगे  ।  

(2) भण्डारी ,  उसके  भण्डारगृह में  भण्डाररत उपज  की सूखने अथिा अन्य  कारणों  से 

कमी हेतु ,  जो  उसके  ननयंत्रण  के बाहर है ,  उत्तरदायी  नहीं  होगा ।  

(3) भण्डारी  उसके  भण्डारगृह  में  भण्डाररत  उपज  में  सीढन  को सोखने के  कारण  हुई 

बढोत्तरी का अचधकार नहीं  होगा  ।  

(4) ऐसे  वििाद  उत्पन्न  होने की दशा  में  कमी अथिा बढोत्तरी सूखने अथिा  सीड़न  को 
सोखने से हुई  अथिा  ऐसे  कारणों  से  हुई  जो भण्डारी के  ननयंत्रण  के  बाहर  थे अथिा  तौल  करने  
िाले प्रनतचयक  अथिा  शे्रणीकारक  के  कायो  पर वििाद  उत्पन्न  होने  की  दशा  में  और  विशेषता ,  
पररचयन  और तौल के  विषय  में  ककसी प्रकार  के  वििादों  के  विटहत प्राचधकारी  के  समि  रखा  
जायेगा और उस मामलें  में  उसका  ननणाय अंनतम  और आबद्धकर  होगा ।  

21 .  तौल करने िाले ,  प्रनतचयक  और शे्रणीकारक  के लाइसेन्स  का ननलम्बन  अथिा 
ननरस्तीकरण— (1) इस  हेतु  बनाये  गये  ननयमों  के  अध्यधीन  रहते हुये ,  ककसी तौल करने  िाले  
प्रनतचयक  अथिा  शे्रणीकारक  को  प्रदत्त  प्रत्येक  लाइसेन्स ,  विटहत  प्रचधकारी द्िारा ननलंबबत  अथिा  
ननरस्त ककया जा  सकेगा  ।  

(2) यटद  कोई  लाइसेन्स  ननलंबबत  ननरस्त  ककया  जाता है तो  विटहत प्राचधकारी  उसकी  
प्रविष्ि लाइसेन्स  पर कर देगा  ।  

(3) कोई व्यक्तत ,  जो  लाइसेन्स  प्राप्त  नहीं है ,  स्ियं को ऐसा नहीं  बतायेगा  और न 

लाइसेन्स  प्राप्त तौर करने  िाले ,  प्रनतचयक  और शे्रणीकारक  के  रूप  में  काया करेगा ।  



11 
 

22. डुप्लीकेट- (1) जब  ककसी तौल  करने  िाले ,  प्रनतचयक  अथिा  शे्रणीकार  को  प्रदत्त  

लाइसेन्स  खो जायें ,  नष्ि  हो  जायें ,  फि  जाय ,  कि  –वपि  जाये अथिा अन्यथा  पढ़ने योग्य न रहे  

तो विटहत  प्राचधकारी ,  जो  विटहत  ककया  जाये ,  डुप्लीकेि  लाइसेन्स  जारी  कर  सकेगा  ।  

(2) जब डुप्लीकेि  लाइसेन्स  जारी ककया जाये ,  इस पर स्पष्ि  ” डुप्लीकेि” की मुहर   

डुप्लीकेि जारी  ककये  जाने का  टदनांक  डाला  जायेगा और मूल  लाइसेन्स  जारी ककये  जाने  का  
टदनांक ,  कायाालय से उपलब्ध  ररकाडा पर से  डाला  जायेगा  ।  

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

अध्याय -6 

विविध 



12 
 

23. दंड— कोई  व्यक्तत ,  जो जानकारी  रहते  और जानबूझकर ,  इस  अचधननयम  अथिा  
इसके  अंतागत  बनाये  गये ननयमों  के प्रािधानों  अथिा अपेिाओं का उल्लंघन  करता  है ,  

दण्डाचधकारी  दोषमसद्चध  पर ,  तीन िषा के  कारािास से अथिा  अथा दंड से  अथिा दोंनो  से  दंडडत  

ककया जायेगा :  

परन्तु यह कक इस अचधननयम  के अंतागत  अपराध ,  न्यायालयस की सहमनत  से 
राजीनामा योग्य  रहेंगे  ।  

24. नियम— (1) राज्य  शासन ,  पूिा प्रकाशन  के  पश्चात  ् इन  अचधननयम  के प्रािधानों 
को कायारूप  देने  हेतु ,  ननयम  बना  सकेगा  ।  

(2) विमशष्ि  एिं पूिागामी  शक्ततयों  पर  प्रनतकूल  प्रभाि डाले  विना ,  ऐसे  ननयमों  में  ननम्न  

अथिा सभी  ककन्ही विचधयों  पर  उपबन्ध  हो  सकें गे  – 

(अ) विटहत ककये  जाने  िाले  सभी  विषयों  के संबंध  में  अथिा क्जनके  मलये इस  

अचधननयम के  अंतागत  ननयम बनाया  जाता है ;  

(आ ) इस ननयम के  अंतागत  कताव्यों  का ननिाहन  करने के  मलए प्राचधकारी ;  

(इ)  भण्डारी  को  लाइसेन्स  के प्रदाय  हेतु आिेदन  का प्रारूप ,  लाइसेन्स  की  अिचध ,  उसकी  
शते और उसका  निीनीकरण ;  

(ई)  भण्डारी  द्िारा जारी की जाने िाली  रसीद  का  प्रारूप ,  उसमें  टदये जाने  िाले व्यौरे  

और डुप्लीकेि  रसीद  की  जाने की शतें ;  

(उ) भण्डारी द्िारा  रखे  जाने िाली  लेखा  पुस्तके  और  ररकाडो  की  प्रक्रनत ;  

(ऊ)  इस  अचधननयम  के अंतगात  सूचना पत्र  देने  की  रीनत ;  

(ओ ) ककसी भण्डारगृह  में  सड रही उपज  के विक्रय हेतु सािाजननक  नीलामी  के संचालन  

की रीनत और ऐसी विक्रय रामश  के लेखा  रखने  के संबंध  में ;  

(औ ) तौल करने  िालों ,  प्रनतचयकों और शे्रणीकारकों की योग्ताएं और उनकी  लाइसेन्स  

का प्रदाय ,  उनके  लाइसेन्सों  की  शतों ,  और  अिचध  उनके  द्िारा  जारी  ककये  जाने  

िाले प्रमाण  पत्रों  का प्ररूप ,  उनके  लाइसेन्सों  का  निीनीकरण ,  क्स्थनतयां  क्जनके  

अंतागत  उनके  लाइसेन्स  ननमल ंबबत  अथिा  ननरस्थ  ककये जा सकें गे ;  



13 
 

(क)  इस  अचधननयम  के  अंतागत  लाइसेन्सों  के  प्रदाय  हेतु और  उनके  निीनीकरण  अथिा  
डुप्लीकेि  लाइसेन्स  जारी करने हेतु शुल्क की  रामश ;  

(ख) इस अचधननयम  के अंतागत  भण्डारगृहों में  प्रयोग ककये जाने  प्रमाखणक  तौल ,  नाप ,  

िगीकरण ,  प्रनतचयन  और  उपज  को  भण्डाररत  करने  के तरीके ;  

(ग) लाइसेन्स  के प्रदाय ,  ननलम्बन अथिा ननरस्तीकरण  का और लाइसेन्स  प्राप्त भण्डार 

गृहों की  सूची का  प्रकाशन ;  और  

(घ)  सामान्य  रूप  से  भण्डारों के व्यिसाय  के सुयोग्य  संचालन  हेतु ।  

 


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About this act

Jurisdiction
Madhya Pradesh
Enactment date
1948-01-05
Sections available
Document reader
Source and version

India Code, Government of India. Text fetched 15 Oct 2026. Source metadata reports last modification: 2021-10-26. Check the linked official text and subsequent notifications when applying a provision.

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