Rajasthan · Act 22 of 2008

Rajasthan Universities' Teachers (Absorption of Temporary Teachers) Act, 2008

Rajasthan Universities' Teachers (Absorption of Temporary Teachers) Act, 2008

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राजस्थान राज-पत्र

विशेषांक

साधिकार प्रकाशित

RAJASTHAN GAZETTE

Extraordinary

Published by Authority

सत्यमेव जयते

श्रावण 14, मंगलवार, शाके 1930 अगस्त 5, 2008

Sravana 14, Tuesday, Saka 1930-August 5, 2008

भाग 4 (क)

राजस्थान विधान मंडल के अधिनियम ।

विधि (विधायी प्रारूपण) विभाग

(ग्रुप-2)

अधिसूचना

जयपुर, अगस्त 5, 2008

संख्या प.2 (40)विधि/2/2008:- राजस्थान राज्य विधान-मण्डल का

निम्नांकित अधिनियम, जिसे राज्यपाल महोदय की अनुमति दिनांक

3 अगस्त, 2008 को प्राप्त हुई, एतद्वारा सर्वसाधारण की सूचनार्थ प्रकाशित

किया जाता है:-

राजस्थान विश्वविद्यालयों के अध्यापक (अस्थायी अध्यापकों का आमेलन)

अधिनियम, 2008

(2008 का अधिनियम संख्यांक 22)

[राज्यपाल महोदय की अनुमति दिनांक 3 अगस्त,2008 का प्राप्त हुई।

राजस्थान के विश्वविद्यालयों में लम्बे समय से कार्यरत अस्थायी

अध्यापकों के आमेलन का उपबन्ध करने के लिए अधिनियम ।

भारत गणराज्य के उनसठवें वर्ष में राजस्थान राज्य विधान-मण्डल

निम्नलिखित अधिनियम बनाता है:-

1. संक्षिप्त नाम, प्रसार और प्रारम्भ - (1) इस अधिनियम का नाम

राजस्थान विश्वविद्यालयों के अध्यापक (अस्थायी अध्यापकों का आमेलन)

अधिनियम, 2008 है।

(2) इसका प्रसार संपूर्ण राजस्थान राज्य में है।

(3) यह 12 जून, 2008 को और से प्रवृत्त हुआ समझा जायेगा।



2

1

35 (2)
राजस्थान राज-पत्र, अगस्त 5, 2008 भाग 4 (क)

2. परिभाषाएं.- (1) इस अधिनियम में, जब तक विषय या सन्दर्भसे अन्यथा योधित न तो

भाग
 4 (क)

(v)

(vi)

( विद्यमान खण्ड (i) के पश्चात् और विद्यमान खण्ड (1) के पूर्व,निम्नलिखित नया खण्डअंतःस्थापित किया जायेगा,अर्थात्:-

क) "शेष रहे अस्थायी अध्यापक से, योग अनुदेशको योग अध्यापकों को सम्मिलित करते हुए ऐसेअध्यापक, जो विश्वविद्यालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा निर्दिष्टअभिकरण के बीच हुए किसी सहमति-पत्र के आधार पर विश्वविद्यालयों में कार्य करते रहे हैंकिंतु अधिनियमके उपबंधों के अनुसरण में जिन पर विचार नहीं किया गया था, अभिप्रेत हैं;"और

(iii)

गय आर समय-समय
या जपवान बनाय पर

यथासंशोधित परिनियम, आर्डिनेंस, विनियम, उपविधियां, नियम,
अधिसूचना या आदेश आते हैं;

"छानबीन समिति" से अस्थायी अध्यापकों के शैक्षणिक
अभिलेख और कार्य और आचरण विषयक
प्रतिवेदन / प्रतिवेदनों की संवीक्षा करने के लिए इस
अधिनियम के उपबन्धों के अधीन नियुक्त कोई समिति

अभिप्रेत है;

सम्मिलित है,

अध्यापकों की

संबंधित विश्व

सिफारिशं पर

अध्यापकों के

4.

होंगे, अर्थात

(i)खण्ड (iv) में,विद्यमान अभिव्यक्ति “अभिप्रेत है किन्तु" के पश्चात् और विद्यमान अभिव्यक्ति"संविदाआधार पर” के पूर्व अभिव्यक्ति",विश्वविद्यालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के बीचकरारनाति-पत्र होने के पश्चात व्िश्वविद्यालय अनुदान आयोग या विश्वविद्यालयअनुदान आयोग द्वाराजारी मोदर्शक सिद्धान्तों द्वारा पुरःस्थापित,योग शिक्षा और अभ्यास तथा सकारात्मक स्वास्थ्य की प्रोन्नतिकीस्कनके अधीन विश्वविद्यालय में कार्यरत योग अनुदेशक योग अध्यापक के सिवाय, अंतःस्थापित की
जायेगी

slip (

जन्याया आधार पर नियुक्त किया गया कोई अध्यापक, याअंशकालिक आधार पर नियुक्त और विश्वविद्यालयों द्वाराविहित वेतनमान में कार्यरत कोई अध्यापक अभिप्रेत हैकिन्तु संविदा आधार पर नियुक्त या विदेश सेवा में केऔर संबंधित विश्वविद्यालय में प्रतिनियुक्ति पर सेवारतअध्यापक इसके अन्तर्गत नहीं आयेंगे,1. 2023 के राज अति से 20 कोधारा ) द्वारा भत कीगयी । रा. रा. दिनांक 21 Aug 2023-
2.2023 के जि. अनि सं.२00 की धारा २८ii)द्वारा अत: स्थापित को भीरा.रा. दिनांक 21/8/2023.



भाग
 4  (क)

राजस्थान राज-पत्र, अगस्त 5, 2008 35 (3)

(v) "संबंधित विश्वविद्यालय" से वह विश्वविद्यालय अभिप्रेत है

• जिसमें अस्थायी अध्यापक कार्य कर रहे हैं, और

(vi) "कुलफति" से संबंधित विश्वविद्यालय का कुल
पति अभिप्रेत

है और इसके अन्तर्गत कोई भी ऐसा व्यक्ति आता है जो

सुसंगत विधि के अनुसार संबंधित विश्वविद्यालय के

कुलपति के कृत्यों का तत्समय पालन कर
ता है।

2) इस अधिनियम में प्रयुक्त किन्तु परिभाषित नहीं की गयी सभी

अन्य अभिव्यक्तियों के वही अर्थ होंगे जो उन्हें सुसंगत विधि के अधीन

क्रमशः  दिये गये हैं।

3. 'अस्थायी अध्यापकों की अधिष्ठायी नियुक्ति. सुसंगत विधि के

अधीन संबंधित विश्वविद्याल
य द्वारा विहित पात्रता, जिसमें न्यूनतम अर्हता

सम्मिलित है, की शर्त क
ो पूरा करने के अध्यधी

न और संबंधित विभाग में

अध्यापकों की अधिष्ठायी र
िक्तियों की उपलब्धता के अध्यधीन र

हते हुए.

संबंधित विश्वविद्यालय धारा 4 के अधीन गठित छानबीन समिति की

सिफारिशं पर इस अधिनियम के प्रारंभ पर अस्थायी रूप से 
कार्यरत समस्त

अध्यापकों के आमेलन और
 अधिष्ठायी नियुक्ति के लिए विचार करेगा।

4. छानबीन समिति का 
गठन छानबीन समित

ि में निम्नलिखित

होंगे, अर्थात्:-

(1)

(ii)

संबंधित विश्वविद्यालय का कुलप
ति, जो समिति का अध्यक्ष होगा

;

संबंधित संकाय का संक
ायाध्यक्ष,

(iii) संबंधित विश्वविद्यालय के सं
बंधित विभाग का विभागाध्य

क्ष

(iv) विभाग का वरिष्ठतम आचार्य/उपाचार्य, यदि वह

विभागाध्यक्ष नहीं है;

(v) संबंधित विश्वविद्यालय से असंबद्ध और उस विषय 
की,

जिसमें अध्यापक की संवीक्षा
 की जानी है, विशेष जानकारी

रखने वाला एक विशेषज्ञ,जिसे संबंधित विश्वविद्यालय के

कुलपति द्वारा ऐसे विश्वविद्यालय की विद्या परिषद् द्वारा

सिफारिश किये गये नामों के पैनल में से नामनिर्देशित

किया जायेगा:

3



1

35 (4) राजस्थान राज-पत्र, अगस्त 5, 2008 भाग 4 (क)

(vi) एक सदस्य जिसे कुलाधिपति द्वारा नामनिर्देशित किया जायेगा

(vii) एक प्रख्यात शिक्षाविद, जिसे राज्य सरकार द्वारा

नामनिर्दिष्ट किया जायेगा; और

(viii) सिंडिकेट / प्रबन्ध बोर्ड का एक सदस्य, जिसे राज्य

सरकार द्वारा नामनिर्देशित किया जायेगा।

5. नियुक्ति का 1974 के अधिनियम सं. 18 के अधीन होना. इस

अधिनियम के उपबन्धों के अनुसरण में अधिष्ठायी पदों पर नियुक्त किये
गये अध्यापक, राजस्थान विश्वविद्यालयों के अध्यापक तथा अधिकारी

(नियुक्ति के लिए चयन) अधिनियम, 1974 (1974 का अधिनियम सं 18)

3. 2008 के राजस्थान अधिनियम सं. 22 की धारा 6 का संशोधन मूल अधिनियम
(i) अंत में आये विद्यमान विराम चिह्न "" के स्थान पर, विराम चिह्न

जायेगा; और

(ii) इस प्रकार संशोधित विराम चिह्न के पश्चात, निम्नलिखित परन्तुक जोड़ा जाये

" परंतु शेष रहे अस्थायी अध्यापक को नियमित करने की कवायद, 180 वि
पश्चात् की जा सकेगी।"।

गा अधान आयष्ठाया नियुक्ति के लिए विचार किया गया है किन्तु
जिसे इस अधिनियम के प्रारंभ की तारीख से 180 दिन की समाप्ति पर या

उसके पूर्व अधिष्ठायी रूप से नियुक्त नहीं किया गया है, ऐसी समाप्ति की
तारीख पर समाप्त हो जायेंगी।

8. अधिनियम का अध्यारोही प्रभाव रखना. इस अधिनियम के

उपबन्ध सुसंगत विधि में अन्तर्विष्ट किसी बात के होने पर भी अध्यारोही
प्रभाव रखेंगे।

9. निरसन और व्यावृत्तियां - (१) राजस्थान विश्वविद्यालयों के
अध्यापक (अस्थायी अध्यापकों का आमेलन) अध्यादेश, 2008 (2008 का
अध्यादेश सं. 3) इसके द्वारा निरसित किया जाता है।

(2) ऐसे किसी निरसन के होने पर भी, उक्त अध्यादेश के अधीन
की गयी समस्त बातें, कार्रवाइयां या किये गये आदेश इस अधिनियम के
अधीन किये गये समझे जायेंगे।

एस. एस.कोठारी,

प्रमुख शासन सचिव ।

1.2023 के राज अति सं.२० को धारा
परन्तुक जोड़ा रामा । श.श. दिनांक 21/8/2023


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About this act

Jurisdiction
Rajasthan
Enactment date
2008-08-03
Sections available
Document reader
Source and version

India Code, Government of India. Text fetched 12 Oct 2026. Source metadata reports last modification: 2025-10-09. Check the linked official text and subsequent notifications when applying a provision.

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